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Teachers Day 2022 : ज्ञान और कौशल की मिसाल थे डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, याद में मनाया जाता है शिक्षक दिवस

जीवन के अंधेरे में प्रकाश का स्रोत बन कर अपनी भूमिका निभाती है। शिक्षा के मर्म को समझते हुए एक गरीब तमिल ब्राह्मण ने शिक्षाविद् से राष्ट्रपति  तक की यात्रा पूरी की।

By अनूप कुमार 
Updated Date

 Teachers Day 2022 : शिक्षा, जीवन के अंधेरे में प्रकाश का स्रोत बन कर अपनी भूमिका निभाती है। शिक्षा के मर्म को समझते हुए एक गरीब तमिल ब्राह्मण ने शिक्षाविद् से राष्ट्रपति  तक की यात्रा पूरी की। आज 5 सितंबर को  शिक्षक दिवस है।  राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जिनका जन्म जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था, उनकी याद में आज के दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहला टीचर्स डे 1962 में मनाया गया था। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर भारत में हर वर्ष  आज के दिन  स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में टीचर्स डे मनाया जाता है।

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भारतीय संस्कृति के संवाहक, शिक्षाविद थे 
निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को अपन मूल अस्त्र बनाकर डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने ये प्रमिमान गढ़ा था। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, शिक्षाविद थे। राष्ट्रपति होने के अलावा वह स्वतंत्र देश के पहले उपराष्ट्रपति, एक दार्शनिक,प्रसिद्ध विद्वान, भारत रत्न,भारतीय संस्कृति के संवाहक, शिक्षाविद थे।

निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 को हुआ था
राधाकृष्णन 1952 में देश के पहले उप राष्ट्रपति बने और साल 1962 में वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने। वे बचपन से ही किताबें पढ़ने के शौकीन थे। राधाकृष्णन, स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे। डॉक्टर राधाकृष्णन का निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 को हुआ था।

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