राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) केस में फैजाबाद बार एसोसिएशन (Faizabad Bar Association) ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) , ट्रस्टी अनिल मिश्रा (Anil Mishra) और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव (Gopal Rao) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन तीनों पर FIR दर्ज किए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को अयोध्या में वकीलों ने प्रदर्शन किया।
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) केस में फैजाबाद बार एसोसिएशन (Faizabad Bar Association) ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) , ट्रस्टी अनिल मिश्रा (Anil Mishra) और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव (Gopal Rao) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन तीनों पर FIR दर्ज किए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को अयोध्या में वकीलों ने प्रदर्शन किया। अपनी मांग के लिए सड़क पर उतरे वकील थाने की तरफ बढ़े।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी देखी गई। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी दिखा, लेकिन बाद में वकील थाने पहुंचे। फिर वहां फैजाबाद बार एसोसिएशन (Faizabad Bar Association) के सदस्यों ने राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए आज थाना रामजन्मभूमि (Ram Janmabhoomi police station) में तहरीर दी है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र (Bar Association President Kalika Prasad Mishra) ने बताया कि अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल थाना रामजन्मभूमि पहुंचकर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की। उन्होंने बताया कि यदि पुलिस तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं करती है तो बार एसोसिएशन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा और कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कालिका प्रसाद मिश्र (Kalika Prasad Mishra) के अनुसार, चढ़ावा प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि यदि किसी स्तर पर कोई जिम्मेदारी बनती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
बार एसोसिएशन के इस फैसले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) मामले की जांच पहले से ही विभिन्न स्तरों पर जारी है। इस प्रकरण में 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस के साथ विशेष जांच दल (SIT) भी मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहा है। ऐसे समय में बार एसोसिएशन का एफआईआर की मांग को लेकर सामने आना इस पूरे मामले को नया कानूनी आयाम दे सकता है। यदि पुलिस तहरीर पर कार्रवाई करती है तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। वहीं, यदि मुकदमा दर्ज नहीं होता है तो मामला अदालत तक पहुंचने की संभावना है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस बार एसोसिएशन की तहरीर पर क्या निर्णय लेती है। यदि मामला अदालत तक पहुंचता है तो आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कानूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।