1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटने की अधिसूचना जारी, युमनाम खेमचंद आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटने की अधिसूचना जारी, युमनाम खेमचंद आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Manipur President Rule Revoke : केंद्र सरकार ने बुधवार को मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया (Manipur President Rule Revoked) , जिससे युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA Government) के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Manipur President Rule Revoke: केंद्र सरकार ने बुधवार को मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटा लिया (Manipur President Rule Revoked) , जिससे युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA Government) के गठन का रास्ता साफ हो गया है। खेमचंद सिंह आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह शाम 6 बजे लोक भवन में आयोजित होगा। उन्होंने राज्यपाल अजय भल्ला (Governor Ajay Bhalla) से मुलाकात कर बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA Government) बनाने का दावा पेश किया है।

पढ़ें :- युमनाम खेमचंद सिंह बने मणिपुर के मुख्यमंत्री, राज्यपाल अजय भल्ला ने दिलाई शपथ

केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की एक अधिसूचना में कहा गया है, संविधान के अनुच्छेद 356 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, द्रौपदी मुर्मू, भारत की राष्ट्रपति, मणिपुर राज्य के संबंध में उक्त अनुच्छेद के तहत 13 फरवरी, 2025 को मेरे द्वारा जारी की गई उद्घोषणा को 4 फरवरी, 2026 से निरस्त करती हूं।

युमनाम खेमचंद सिंह होंगे नए मुख्यमंत्री

बता दें कि इससे पहले मंगलवार को भाजपा विधायक दल (BJP Legislative Party) की बैठक में युमनाम खेमचंद (Yumnam Khemchand) को विधायक दल का नेता चुना गया था। अब वे राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभालेंगे।

पढ़ें :- युमनाम खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी विधायक दल के चुने गए नेता

क्यों लगाया गया था राष्ट्रपति शासन

पढ़ें :- वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया सम्मानित

पिछले साल 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। यह फैसला तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह (Chief Minister N. Biren Singh) के इस्तीफे के बाद लिया गया था। उस समय राज्य लंबे समय से जातीय हिंसा और संवैधानिक संकट से गुजर रहा था, जिसके चलते केंद्र सरकार को यह कदम उठाना पड़ा था।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...