बारामती में एक विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार की दो माह पहले मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद NCP के दो नेताओं ने पार्टी के विलय का समर्थन किया है। यह पार्टी अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में है और इसका विलय शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ होगा।
नई दिल्ली। बारामती में एक विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार की दो माह पहले मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद NCP के दो नेताओं ने पार्टी के विलय का समर्थन किया है। यह पार्टी अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में है और इसका विलय शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ होगा। 28 जनवरी को अजित पवार के निधन के तुरंत बाद NCP (SP) के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया था कि वरिष्ठ नेता की मृत्यु से पहले ही विलय की प्रक्रिया चल रही थी। उस समय NCP के नेताओं ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया था। मावल से एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने कहा कि अगर दोनों पार्टियों को साथ आना है और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में NCP को आगे बढ़ना है, तो अभी भी समय बीता नहीं है।
शेलके जिन्हें अजीत पवार का कट्टर वफादार माना जाता था का समर्थन विधानसभा के उपाध्यक्ष अन्ना बंसोडे ने किया। पिंपरी से NCP विधायक बंसोडे ने कहा कि राज्य और जिला स्तर के नेताओं का मानना है कि अगर सुनेत्रा-वहिनी के नेतृत्व में दोनों पार्टियां एकजुट हो जाएं, तो यह सभी के लिए अच्छा होगा। रविवार को NCP के इन दोनों नेताओं की ये टिप्पणियां रायगढ़ जिले में पार्टी के एक कार्यक्रम के बैनर से अजीत पवार और उनकी पत्नी व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की तस्वीरें गायब होने को लेकर चल रहे विवाद के बीच आईं। इस कार्यक्रम में राज्य NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे भी शामिल हुए थे। NCP (SP) विधायक रोहित पवार, जिन्होंने तस्वीरों के गायब होने का मुद्दा उठाया था ने हाल ही में आरोप लगाया था कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल उनकी बुआ सुनेत्रा पवार से NCP का नियंत्रण छीनने की कोशिश कर रहे हैं। NCP नेताओं ने इस दावे को मगरमच्छ के आंसू कहकर खारिज कर दिया था और रोहित पवार को अपनी पार्टी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी।