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NEET-UG परीक्षा नहीं, मेरा बुर्का और मेरी पहचान मायने रखती है : छात्रा कुलसुम बानो

NEET परीक्षा से पहले आज एक मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम सेंटर पर बुर्का पहने एक कैंडिडेट को कथित तौर पर अंदर जाने से रोक दिया गया है। कुलसुम बानो (Student Kulsum Bano) नाम की एक कैंडिडेट कहती हैं कि मैं NEET परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। उन्होंने कहा कि जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं- बुर्का (Burqa) और दुपट्टा।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। NEET परीक्षा से पहले आज एक मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम सेंटर पर बुर्का पहने एक कैंडिडेट को कथित तौर पर अंदर जाने से रोक दिया गया है। कुलसुम बानो (Student Kulsum Bano) नाम की एक कैंडिडेट कहती हैं कि मैं NEET परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। उन्होंने कहा कि जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं- बुर्का (Burqa) और दुपट्टा। शुरू में उन्होंने कहा कि अंदर जाने के लिए मुझे दुपट्टा हटाना होगा फिर उन्होंने जोर दिया कि मुझे बुर्का भी हटाना होगा।

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अजमेर से RE-NEET परीक्षा के दौरान हंगामे की खबर सामने आई है। यहां सावित्री गर्ल्स स्कूल परीक्षा केंद्र पर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक मुस्लिम छात्रा बुर्का और हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची। एंट्री के समय केंद्र प्रशासन द्वारा बुर्के पर आपत्ति जताए जाने के बाद छात्रा और उसके परिजनों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

अगर NTA ने हमें इजाजत दी है तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते। अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी। यह शर्मनाक है कि वे 18 साल के युवाओं के साथ ऐसा कर रहे हैं। परीक्षा मेरे लिए मायने नहीं रखती मेरे लिए मेरा बुर्का और मेरी पहचान मायने रखती है।

ब्यावर से परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी उम्मे कुलसुम ने केंद्र प्रशासन की इस रोक पर कड़ा ऐतराज जताया। छात्रा ने कहा कि बुर्का मेरी पहचान है। जब एनटीए के नियम संख्या 8 में साफ तौर पर लिखा है कि यदि कोई धार्मिक पोशाक पहनकर आता है, तो वह चेकिंग के लिए समय से थोड़ा पहले पहुंच जाए। हमने पूरा सहयोग किया, फिर भी हमें रोका जा रहा है। छात्रा के पिता मोहम्मद आलिम ने भी प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा हमारी बच्ची ने इससे पहले भी दो बार बुर्का पहनकर परीक्षा दी है, तब कोई समस्या नहीं हुई। एनटीए ने जब अनुमति दी है, तो यहां केंद्र पर क्यों रोका जा रहा है? हम पूरी चेकिंग कराने को तैयार हैं, लेकिन बच्ची बुर्का हटाकर परीक्षा नहीं देगी।

 

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विवाद बढ़ता देख केंद्र प्रशासन और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने छात्रा और उसके पिता को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद, एनटीए की गाइडलाइंस के तहत छात्रा की गहन सुरक्षा जांच और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की गई और उसे परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। इस मामले पर अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु ने बताया कि अजमेर जिले के सभी 15 केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा परीक्षा केंद्रों पर सरकार और एनटीए के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है. नियमों के तहत चेकिंग, फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। जो भी अभ्यर्थी वैलिड एडमिट कार्ड के साथ तय गाइडलाइंस का पालन कर रहे हैं, उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया जा रहा है। फिलहाल, परीक्षा केंद्र पर स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और छात्रा शांतिपूर्वक अपनी परीक्षा दे रही है।

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