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PMO ने मांगा चंदे का हिसाब, राम मंदिर ट्रस्ट ने जांच का हवाला देकर जानकारी देने से किया इनकार

अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) में दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी मामले अब नया खुलासा हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जिला प्रशासन को संदर्भित पत्र पर एसआईटी जांच (SIT Investigation) का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी देने से इन्कार कर दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) में दान और चढ़ावे में हेराफेरी व चोरी मामले अब नया खुलासा हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जिला प्रशासन को संदर्भित पत्र पर एसआईटी जांच (SIT Investigation) का हवाला देते हुए वित्तीय जानकारी देने से इन्कार कर दिया है।

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प्रधानमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के स्थानीय बीजेपी नेता रजनीश सिंह (BJP leader Rajnish Singh) के द्वारा लिखे गए पत्र पर जब जिला प्रशासन ने राममंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) से आय-व्यय, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी तो जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने आए हुए संपत्ति का विवरण देने से मना कर दिया। बीजेपी नेता रजनीश सिंह (BJP leader Rajnish Singh) ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के वित्तीय लेनदेन चंदा चढ़ना और जमीन खरीद फरोख्त में गड़बड़ियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखा था। रजनीश सिंह (Rajnish Singh) ने पीएमओ से मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करें।

बीजेपी नेता ने पीएमओ से की शिकायत

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी के स्थानीय नेता डा. रजनीश सिंह (Local BJP leader Dr. Rajneesh Singh) ने प्रधानमंत्री कार्यलय को दो बार पत्र लिखा। रजनीश सिंह ने पहली बार नौ जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था। उन्होंने मांग की थी कि मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया जाए कि वह अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के वित्तीय लेनदेन और संपत्ति की पूरी जानकारी सार्वजनिक करें। इसके बाद दूसरी बार उन्होंने 12 जून को एक और पत्र लिखकर राम मंदिर के चढ़ावा को सार्वजनिक करने की मांगी की। 13 जून को एसआईटी गठित कर दी गई थी।

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पीएमओ ने मांगा ट्रस्ट के चंदे का हिसाब

बीजेपी नेता के पत्र को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यलय (PMO) ने जिला प्रशासन को संदर्भित किया। पीएमओ को मिली शिकायत के लिए अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा गया था। जिला प्रशासन ने इस मामले को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट से संपर्क किया। सूत्रों की मुताबिक 23 जून को अयोध्या के एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को लिखे एक पत्र में एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने पीएमओ द्वारा शिकायत में मांगी गई जानकारी के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के चंपतराय से संपर्क किया था।

चंपत राय ने नहीं दिया चंदे का हिसाब

अयोध्या एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी के मुताबिक चंपत राय ने यह कहकर कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया कि फिलहाल एसआईटी जांच चल रही है और जांच पैनल सभी जरूरी रिकार्ड और जानकारी इकट्ठा कर रहा है। इसीलिए अभी मांगी गई जानकारी नहीं दी जा सकती। पीएमओ को बीजेपीके नेता रजनीश सिंह के द्वारा भेजी गई शिकायत में कई जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। इनमें ‘समर्पण निधि’ अभियान के जरिए इकट्ठा किए गए कोष, अलग-अलग तरीकों से मिले दान, सोना, चांदी और गहनों के रूप में मिले योगदान, बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद-बिक्री, मंदिर निर्माण और प्रशासन पर खर्च, और आडिट व निरीक्षण रिपोर्ट शामिल हैं।

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