मेरा निरंतर प्रयास रहता है कि बंगाल के नौजवानों, किसानों, माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करूं। लेकिन यहां की TMC सरकार... केंद्र सरकार की योजनाओं को आप तक ठीक से पहुंचने ही नहीं देती। TMC तो बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल रही है! TMC... यहां के नौजवानों, यहां की माताओं-बहनों, यहां के किसानों से दुश्मनी ठाने हुए है।
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के सिंगूर में एक विशाल रैली को संबोधित किए। इस दौरान उन्होंने कहा, सिंगुर का ये जनसैलाब, आप सभी का ये जोश, ये उत्साह पश्चिम बंगाल की नई कहानी बता रहा है। सभी एक ही भाव से, एक ही आस लेकर आए हैं कि ‘हमें असली परिवर्तन चाहिए।’ हर कोई 15 वर्ष के महा-जंगलराज को बदलना चाहता है। मैं आज ऐसे समय में सिंगूर आया हूं, जब देश ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया है। संसद में भी विशेष चर्चा करके वंदे मातरम् का गौरव गान किया है। पूरी संसद ने, पूरे देश ने ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी को श्रद्धाभाव से नमन किया।
उन्होंने कहा, हुगली और वंदे मातरम् का रिश्ता तो और भी विशेष है। कहते हैं कि यहीं पर ऋषि बंकिम जी ने वंदे मातरम् को उसका पूर्ण स्वरूप दिया। जिस प्रकार वंदे मातरम् आजादी का उद्घोष बना था। उसी तरह हमें वंदे मातरम् को, पश्चिम बंगाल और भारत को विकसित बनाने का मंत्र भी बनाना है। ये भाजपा सरकार ही है, जिसने दिल्ली में कर्तव्य पथ पर, इंडिया गेट के सामने नेताजी सुभाष बाबू की प्रतिमा लगाई है। पहली बार लाल किले से आजाद हिंद फौज के योगदान को नमन किया गया। अंडमान निकोबार में नेताजी के नाम पर द्वीप का नाम रखा गया। पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम 24 या 25 तारीख से शुरू होते थे और 30 जनवरी को पूरे होते थे। हमने ये कार्यक्रम बदल दिया। हमने अब 23 जनवरी यानी सुभाष बाबू की जन्मजयंती से शुरू किया और महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पूरा करने का तय किया।
पीएम ने कहा, बांग्ला भाषा और साहित्य बहुत ही समृद्ध है। लेकिन, बांग्ला भाषा को classical language का दर्जा भी तब मिला, जब आपने मुझे आशीर्वाद देकर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाई। BJP सरकार के प्रयासों से ही दुर्गा पूजा को UNESCO में cultural heritage का दर्जा दिया है। मेरा निरंतर प्रयास रहता है कि बंगाल के नौजवानों, किसानों, माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करूं। लेकिन यहां की TMC सरकार… केंद्र सरकार की योजनाओं को आप तक ठीक से पहुंचने ही नहीं देती। TMC तो बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल रही है! TMC… यहां के नौजवानों, यहां की माताओं-बहनों, यहां के किसानों से दुश्मनी ठाने हुए है।
इसी सोच के साथ देशभर के मछुआरों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देशभर की राज्य सरकारें अपने यहां के मछुआरों के नाम रजिस्टर करवा रही हैं। लेकिन, बंगाल में इस काम पर ब्रेक लगा हुआ है। हम बंगाल की TMC सरकार को बार-बार चिट्ठी लिखते हैं। लेकिन, TMC सरकार यहां के मछुआरों के रजिस्ट्रेशन में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। इससे बंगाल के मछुआरों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी केंद्र की स्कीम का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा, बंगाल के मछुआरों से TMC कैसे अपनी दुश्मनी निकाल रही है, इसका मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। बंगाल में लाखों परिवार मछली के काम से जुड़े हुए हैं। यहां से अभी जितनी मछली एक्सपोर्ट होती हैं, उससे कहीं अधिक संभावनाएं यहां है, यहां के मछुआरे भाई-बहनों में वो ताकत है। इसके लिए जरूरी है कि मछुआरे भाई-बहनों को मदद और बेहतर टेक्नोलॉजी मिले।
साथ ही कहा, विकास के काम में रुकावट डालने वाली हर सरकार को अब देश का जागरूक मतदाता लगातार सजा दे रहा है। दिल्ली प्रदेश में भी एक ऐसी ही सरकार थी, जो केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। हम उनको कहते रहे कि दिल्ली के गरीब परिवारों के लिए मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान स्कीम लागू करो, लेकिन वो सुनते ही नहीं थे। इसलिए, दिल्ली की जनता ने उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और अब दिल्ली में आयुष्मान योजना से गरीबों का मुफ्त इलाज हो रहा है। बंगाल की जनता भी अब ठान चुकी है, यहां के लोग TMC की निर्मम सरकार को सबक सिखाने वाले हैं। ताकि यहां भी BJP सरकार बने और आयुष्मान भारत योजना बंगाल में भी लागू हो, गरीबों को मुफ्त इलाज मिले।