उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपहरण और फिरौती वसूली के मामले का बीबीडी थाना की पुलिस ने सिर्फ दो घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को अपने शिकंजे में ले लिया। इस मामले में पता चला है कि आरोपितों ने दो युवकों का अपहरण (Abduction) कर उन्हें बंधक बना लिया था। इसके बाद दबाव बनाकर उन युवकों के खातों से 20 हजार रुपये आनलाइन ट्रांसफर कराए थे। हांलाकि पुलिस दोनों अपहरण किए गए युवकों को सही सलामत बरामद कर लिया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपहरण और फिरौती वसूली के मामले का बीबीडी थाना की पुलिस ने सिर्फ दो घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को अपने शिकंजे में ले लिया। इस मामले में पता चला है कि आरोपितों ने दो युवकों का अपहरण (Abduction) कर उन्हें बंधक बना लिया था। इसके बाद दबाव बनाकर उन युवकों के खातों से 20 हजार रुपये आनलाइन ट्रांसफर कराए थे। हांलाकि पुलिस दोनों अपहरण किए गए युवकों को सही सलामत बरामद कर लिया।
पुलिस उपायुक्त (DCP) पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि राम सुरेश चौधरी जो बस्ती के हरैया स्थित बरहपुर कुंवर निवासी है ने सोमवार को बीबीडी थाने में सूचना दी कि उनके भतीजे निर्भय वर्मा और उसके साथी अभिषेक वर्मा का अपहरण हो गया है। इसके बाद इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज करते हुए पांच टीमों का गठन भी किया गया। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों (Technical evidence), स्थानीय सूचनाओं और सर्विलांस (Information and surveillance) की मदद से पुलिस ने संदिग्धों की तलाश काफी तेज कर दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक आनंदी वाटर पार्क के आसपास मौजूद हैं। शंका होने के बाद पुलिस टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर मौके पर मौजूद चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिर उनलोगों के बताए गए पते से निर्भय वर्मा और अभिषेक वर्मा को सकुशल मुक्त करा लिया गया जिनका अपहरण कर लिया गया था।
इन सभी गिरफ्तार आरोपितों में बस्ती निवासी अभय चौधरी निवासी, प्रतापगढ़ निवासी नवनीत तिवारी उर्फ गोलू, मऊ निवासी पीयूष राज और गोरखपुर निवासी आर्यन सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपित बीबीडी क्षेत्र में रहकर पढ़ाई और अन्य काम कर रहे थे। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने चारों आरोपितों को जेल भेज दिया। इसके अलावा इनकी आपराधिक इतिहास के बारे में पता लगाया जा रहा है।