यूपी के गोरखपुर जिले (Gorakhpur District) के बेलघाट थाना (Belghat Police Station) क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में गुरु-शिष्य के रिश्ते को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। तीन नाबालिग छात्राओं ने एक शिक्षक पर गंदे वीडियो (Obscene Videos) दिखाकर उनके साथ अश्लील हरकत (Obscene Act) करते का आरोप लगाया है।
गोरखपुर। यूपी के गोरखपुर जिले (Gorakhpur District) के बेलघाट थाना (Belghat Police Station) क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में गुरु-शिष्य के रिश्ते को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। तीन नाबालिग छात्राओं ने एक शिक्षक पर गंदे वीडियो (Obscene Videos) दिखाकर उनके साथ अश्लील हरकत (Obscene Act) करते का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है।
बता दें कि यह मामला एक सप्ताह पुराना है। पीड़ित छात्राओं ने जब आपबीती परिजनों को बताई तो उन्होंने बेलघाट थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि शिक्षक लंबे समय से छात्राओं का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहा है।
आरोप है कि इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने तत्काल सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर सुलह का दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामले की शिकायत अफसरों तक पहुंची तो पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली तीन छात्राएं सरकारी स्कूल में चौथीं व पांचवीं कक्षा में पढ़ती हैं। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाने वाले 56 साल का शिक्षक पिछले कई दिनों से उन्हें अपने पास बुलाकर मोबाइल में गंदे वीडियो और फोटो दिखाता था। इसके साथ ही बैड टच भी करता था। शिकायत पर डांट-फटकार कर चुप रहने की धमकी भी देता था। इससे तंग आकर उन्होंने एक सप्ताह पहले परिजनों से आपबीती बताई।
परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने औपचारिकता निभाते हुए शिक्षक को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया, लेकिन बाद में बिना प्राथमिकी दर्ज किए छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि आरोपी शिक्षक के छूटने के बाद छात्राएं मानसिक रूप से टूटने लगीं। मामले में हुई देरी और पुलिस की कथित उदासीनता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे। परिजन इस मामले में थाना प्रभारी से लेकर क्षेत्राधिकारी की भूमिका को संदिग्ध बता रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि किसी भी स्तर के अधिकारी ने इस संवेदनशील मामले पर खुलकर स्थिति स्पष्ट नहीं की।
समय से प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही यह बताया गया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो एक सप्ताह बाद पुलिस हरकत में आई। उच्चाधिकारियों के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर मामले की जांच की जा रही है।
दो यू-ट्यूबरों पर आरोपी को ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठने का आरोप
मामले की जांच के दौरान एक नया मोड़ सामने आया है। पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र के ही रहने वाले दो यू-ट्यूबरों ने नाबालिग छात्राओं की आपबीती का वीडियो बना लिया। आरोप है कि इस संवेदनशील मामले में शिकायत दर्ज कराने के बजाय दोनों यू-ट्यूबरों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए आरोपी शिक्षक को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से शिक्षक ने शुरुआती तौर पर कुछ रुपये दोनों यू-ट्यूबरों को दे भी दिए। इसके बाद उनसे और अधिक रुपये की मांग की जाने लगी। जब यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो दोनों यू-ट्यूबरों के खिलाफ भी ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।