केंद्र सरकार ने बुधवार को बाराबंकी से बहराइच को जोड़ने वाले राजमार्ग के उच्चीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। इसे नये राष्ट्रीय राजमार्ग NH-927 के नाम से घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विगत 12 से 14 मार्च 2026 को लखनऊ प्रवास के दौरान केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के तरफ से बताया गया था कि बाराबंकी से बहराइच हाईवे के उच्चीकरण की स्वीकृति हेतु उनके द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ। केंद्र सरकार ने बुधवार को बाराबंकी से बहराइच को जोड़ने वाले राजमार्ग के उच्चीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। इसे नये राष्ट्रीय राजमार्ग NH-927 के नाम से घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विगत 12 से 14 मार्च 2026 को लखनऊ प्रवास के दौरान केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के तरफ से बताया गया था कि बाराबंकी से बहराइच हाईवे के उच्चीकरण की स्वीकृति हेतु उनके द्वारा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के तरफ से अधिसूचित लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।
अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाराबंकी से बहराइच के बीच बनने वाले NH का रूट दिखाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18 मार्च को हुई कैबिनेट (Cabinet Meet) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें से सरकार का एक फैसला यूपी के 2 जिलों के लिए बेहद खास है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच (Barabanki to Bahraich), 101.515 किलोमीटर तक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को हाइब्रिड एन्युटी मोड पर 6969.04 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दे दी है।
केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए। सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘BHAVYA’ (भारत औद्योगिक विकास योजना) को मंजूरी दी है। 33,660 करोड़ रुपए लागत वाली इस योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि योजना के तहत बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योगों के लिए जमीन, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 6,969 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

परियोजना का कार्य अक्टूबर 2026 से प्रारम्भ होगा और अक्टूबर 2028 तक पूर्ण हो जाने की आशा है। इस राजमार्ग की कुल लम्बाई 101.515 किमी. है। इसकी निर्माण लागत 6969.00 रुपये करोड़ है। नया NH-927 पूरी तरह से प्रवेश नियंत्रित होगा अर्थात केवल नियत स्थानों से ही प्रवेश और निकास अनुमन्य होगा। इसके बन जाने पर बाराबंकी से बहराइच के लिये यात्रा समय 2.50 घंटे के स्थान पर 1.25 घंटे रह जायेगा।
इसकी विशेषता यह है कि इसमें मुख्य मार्ग दोनों ओर दो-दो लेन अर्थात कुल 04 लेन का होगा और उसके बाद दोनों ओर 2-2 लेन की सर्विस रोड रहेगी जिससे कम दूरी वाले वाहनों का आना-जाना सुगम हो जायेगा और लम्बी दूरी वाले वाहनों की यात्रा में कोई बाधा नहीं होगी। पूरी परियोजना में सबसे उल्लेखनीय घाघरा नदी के ऊपर बनाये जाने वाला पुल होगा जिसकी लम्बाई 1130 मीटर होगी और यह 06 लेन का होगा। यह ब्रिज विशेष प्रकार की तकनीक पर आधारित केबिल पर बनाया जायेगा।
एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन हाईवे से क्या फायदे?
उत्तर प्रदेश में एनएच-927 के बाराबंकी-बहराइच खंड के प्रस्तावित अपग्रेडेशन से बाराबंकी और बहराइच जिलों के शहरी क्षेत्रों में मौजूद गंभीर सड़क खामियां, जैसे- तीखे मोड़ों और भीड़भाड़ की समस्या का समाधान होगा। एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन हाईवे के तौर पर डिज़ाइन किया गया यह प्रोजेक्ट प्रमुख बस्तियों को बाईपास करेगा, इससे एवरेज पैसेंजर स्पीड बढ़ेगी, ट्रैवल टाइम लगभग एक घंटे तक कम होगा और समग्र सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहन परिचालन लागत में सुधार करेगी, जिससे क्षेत्रीय गतिशीलता और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़ती है। इसके अतिरिक्त, एडवांस कॉरिडोर, 3 इकोनॉमिक सेंटर, 2 सोशल सेंटर्स और 12 लॉजिस्टिक्स केंद्रों के जुड़ने से इंटीग्रेशन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्र भर में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी।परियोजना पूरी होने पर, यह नेपालगंज सीमा के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा पार व्यापार और पारगमन कॉरिडोर स्थापित करेगी, जिससे रूपाईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरस्थ जिलों को भी जोड़ेगा।
भारत माला कार्यक्रम के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों की श्रृंखला में लखनऊ से सुलतानपुर होते हुए गाजीपुर तक NH-731 के उच्चीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। लखनऊ से हरदोई-शाहजहांपुर तक 04 लेन और आगे पलिया तक 02 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 732 के उच्चीकरण का कार्य शीघ्र ही पूर्ण होने वाला है। इसके पहले राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ-कानपुर NH-27 और लखनऊ-अयोध्या NH-26 का उच्चीकरण किया जा चुका है। लखनऊ के चारों ओर 104 किमी0 08 लेन आउटर रिंग रोड का निर्माण पूर्ण होकर आवागमन संचालित हो रहा है। 67 किमी. लम्बी 06 लेन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, NE-6 का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है और शीघ्र ही ट्रैफिक संचरण प्रारम्भ हो जायेगा। इस सभी अवस्थापना विस्तार से आवागमन की गति तेज होगी और उसी के साथ औद्योगिक विकास तथा आर्थिक उन्नति को तेज गति प्राप्त होगी।