अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) को आखिरकार शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) मिल ही गया है। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो (Venezuelan opposition leader Maria Corina Machado)ने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता था, जिसके लिए ट्रंप बार-बार दावा कर रहे थे।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) को आखिरकार शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) मिल ही गया है। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो (Venezuelan opposition leader Maria Corina Machado)ने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता था, जिसके लिए ट्रंप बार-बार दावा कर रहे थे। आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अब तक 8 युद्ध रुकवाने का दावा कर चुके हैं, उनमें भारत-पाकिस्तान संघर्ष भी शामिल है। इसके बदले में ट्रंप ने लगातार नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की है। पाकिस्तान जैसे देशों से इसके लिए समर्थन भी मिला है। वो कह रहे थे कि एक ‘पीसमेकर’ होने के नाते उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) दिया जाना चाहिए, लेकिन जब यह पुरस्कार उनके बजाए वेनेजुएला की विपक्षी नेता को मिल गया तो वो बेहद नाराज हुए थे।
⚡️🇺🇸BREAKING:
Images just released showing President #Trump with Nobel Peace Prize medal presented to him by Maria Corina Machado.
“Presented as a Personal Symbol of Gratitude on behalf of the Venezucian People in Recognition of President Trump's Principled and Decive Action to… pic.twitter.com/zyJVKPz85A
— Commentary: Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) January 16, 2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आखिरकार नोबेल शांति पुरस्कार(Nobel Peace Prize) मिल गया है जिसे वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने जीता था। मचाडो ने अपने पुरस्कार का मेडल ट्रंप को दिया है। व्हाइट हाउस में मुलाकात के बाद ट्रंप ने वेनेजुएला की नेता की जमकर तारीफ की और कहा कि ‘मेरे काम से खुश होकर उन्होंने अपना शांति पुरस्कार मुझे सौंपा है।’
नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) ट्रंप ने खुशी से स्वीकार किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ‘वो एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मचाडो का उन्हें अपना मेडल देना ‘आपसी सम्मान का एक बेहद खूबसूरत संकेत’ है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के मेडल को अपने पास रखने का इरादा रखते हैं।
ट्रंप को अपना नोबेल देने के लिए वॉशिंगटन यात्रा से पहले मचाडो सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आई थीं। वो पिछले महीने नॉर्वे गई थीं, जहां उनकी बेटी ने उनकी ओर से शांति पुरस्कार प्राप्त किया था। इससे पहले मचाडो वेनेजुएला में 11 महीने तक छिपकर रही थीं। वेनेजुएला में विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो निकोलस मादुरो की सरकार में लंबे समय से दमन का शिकार रही हैं। वो मादुरो की कार्रवाई से बचने के लिए छिपकर रह रही थीं।
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2026 की शुरुआत में मादुरो को उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस समेत गिरफ्तार कर लिया था। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद मचाडो को यकीन था कि ट्रंप वेनेजुएला की सत्ता में उन्हें आगे करेंगे लेकिन ट्रंप ने वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज, जो कि अब कार्यवाहक राष्ट्रपति बना दी गई है। उनको समर्थन देने का फैसला किया है।
नोबेल संस्थान का कहना है कि मचाडो अपना पुरस्कार ट्रंप को नहीं दे सकतीं, भले ही ट्रंप इस सम्मान को पाने की इच्छा लंबे समय से जताते रहे हों। भले ही यह कदम केवल प्रतीकात्मक ही क्यों न हो, फिर भी यह असाधारण है, क्योंकि ट्रंप ने से मचाडो को हाशिये पर डाल दिया है, जो लंबे समय से वेनेजुएला में प्रतिरोध की सबसे प्रमुख चेहरा रही हैं। माना जा रहा है कि मचाडो ट्रंप को अपना नोबेल मेडल देकर अपने पक्ष में करना चाहती हैं। मचाडो को अपने देश की लोकतांत्रिक नेता-इन-वेटिंग माना जाता रहा है।