चलती ट्रेन में ही हवालदार से नायब सुबेदार का प्रमोशन कर दिया। सेना में कहीं भी कुछ भी हो सकता है, समय साधन और स्थान का कोई बहाना नहीं होता। जो करना है बस करना है।
नई दिल्ली। चलती ट्रेन में ही हवालदार से नायब सुबेदार का प्रमोशन कर दिया। सेना में कहीं भी कुछ भी हो सकता है, समय साधन और स्थान का कोई बहाना नहीं होता। जो करना है बस करना है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल है। भारतीय सेना की एक अनूठी पदोन्नति परेड को दर्शाता है, जो चलती हुई सैनिक ट्रेन पर आयोजित की गई थी। यह परेड औपचारिक विरामों के बजाय कर्तव्य को प्राथमिकता देने के बल के आदर्शों का प्रमाण है, जिसमें सैनिकों को परिचालन यात्रा के दौरान ही प्रतीक चिन्ह प्राप्त हुए।
वीडियो में वर्दी पहने सैनिक रेल की पटरियों को पकड़कर ट्रेन की गति का मुकाबला करते हुए अनुकूलित अभ्यास करते हुए दिखाई दे रहे हैं,जैसे कि एक ही स्थान पर मार्च करना, सलामी देना और रैंक लगाना जो यात्रा को रोके बिना अनुशासित तात्कालिकता को रेखांकित करता है। हालांकि वीडियो कब का है और कहां का है? इस वीडियो की पुष्टि पर्दाफाश डाट काम नहीं करता है।