यूपी में मानसून की पहली बारिश के बाद सड़कों की यह खराब हालत और जलभराव ने सरकार के दावों की कलई खोलकर रख दी है। आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, केवल लखनऊ ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून की पहली बारिश में ही स्मार्ट सिटी और बेहतर बुनियादी ढांचे डूबे नजर आ रहे हैं। प्रमुख शहरों में जलभराव में शहर की डूबीं सड़कें बड़ी समस्या बन गई हैं।
गाजियाबाद। यूपी में मानसून की पहली बारिश के बाद सड़कों की यह खराब हालत और जलभराव ने सरकार के दावों की कलई खोलकर रख दी है। आंकड़ों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, केवल लखनऊ ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून की पहली बारिश में ही स्मार्ट सिटी और बेहतर बुनियादी ढांचे डूबे नजर आ रहे हैं। प्रमुख शहरों में जलभराव में शहर की डूबीं सड़कें बड़ी समस्या बन गई हैं।
यूपी कांग्रेस (UP Congress) ने अपने अधिकारिक एक्स यूपी के गाजियाबाद जिले में एक हादसे का वीडियो शेयर कर लिखा कि बारिश ने नहीं, बदहाल व्यवस्था ने ली एक और जान। बता दें कि गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम में 23 वर्षीय युवक की सड़क पर भरे पानी में फैले बिजली के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए जलभराव से बचते हुए निकल रहा था, लेकिन लापरवाही और बदइंतज़ामी ने उसकी ज़िंदगी छीन ली।
बारिश ने नहीं, बदहाल व्यवस्था ने ली एक और जान!
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 23 वर्षीय युवक की सड़क पर भरे पानी में फैले बिजली के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए जलभराव से बचते हुए निकल रहा था, लेकिन लापरवाही और बदइंतज़ामी ने उसकी ज़िंदगी… pic.twitter.com/XRWqeQstTI
— UP Congress (@INCUttarPradesh) July 10, 2026
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भाजपा सरकार स्मार्ट सिटी, विश्वस्तरीय विकास और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि बारिश के बाद सड़कें मौत का जाल बन जाती हैं। आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है? कब तक सरकारी लापरवाही की कीमत आम जनता अपनी जान देकर चुकाती रहेगी?
मुख्य सड़कों पर पानी भरने से वे तालाब बन जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है मानसून की पहली जोरदार बारिश, कई इलाकों में हुआ जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।