देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पानी की किल्लत और पाबंदियों के बीच राहत की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट किया है कि 17 अगस्त तक के लिए मौजूदा संकट के समय में भी मुंबई के पास पर्याप्त पानी का स्टॉक मौजूद है।
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पानी की किल्लत और पाबंदियों के बीच राहत की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट किया है कि 17 अगस्त तक के लिए मौजूदा संकट के समय में भी मुंबई के पास पर्याप्त पानी का स्टॉक मौजूद है।
हांलिया एक इंटरव्यू के दौरान बीएमसी के प्रमुख भिड़े ने पानी की कटौती, उद्योगों पर इसके असर और मानसून के कमजोर रहने की स्थिति में बीएमसी के बैकअप प्लान को लेकर खुलकर बात की।
बीएमसी प्रमुख ने कहा कि इस सीजन में यदि मानसून कमजोर रहता है और पानी सप्लाई करने वाली झीलें पूरी तरह नहीं भर पाती हैं, तो इसके लिए भी बीएमसी ने तैयारी कर ली है। इसके अलावा उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अगले सीजन में पानी की कटौती काफी पहले शुरू कर दी जाएगी। साथ ही गाड़ियों को धोने, बागवानी करने या अन्य अनावश्यक कामों में पानी की बर्बादी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाएगी।
पानी की कटौती क्यों जरूरी हुई?
अश्विनी भिड़े ने बताया कि मुंबई की बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग के कारण जल संसाधनों पर काफी दबाव है। मानसून की धीमी शुरुआत और झीलों में पानी के कम स्टॉक के चलते सावधानी के तौर पर यह कटौती करना बहुत जरूरी था, ताकि आने वाले समय में पानी की बड़ी समस्या से बचा जा सके।
क्या बिजनेस और उद्योगों पर पड़ेगा असर?
अश्विनी भिड़े ने बताया कि आम जनता के मुकाबले कमर्शियल प्रतिष्ठानों पर पानी की कटौती ज्यादा की गई है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि इससे किसी बड़े बिजनेस या उद्योग में कामकाज रूकने की स्थिती नहीं आएगी।