फाल्गुन मास हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना होता है, जिसे खुशियों, उमंग और शुभ कार्यों के लिए बेहद खास माना जाता है। सनातन धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य, विशेषकर विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना अनिवार्य है।
ज्योतिष शास्त्र शुभ मुहूर्त (Auspicious timing according to astrology) के अनुसार वह अनुकूल और पवित्र समय-अवधि है जब ग्रह और नक्षत्र की स्थिति किसी विशिष्ट कार्य को शुरू करने के लिए सर्वाधिक अनुकूल होती है। यह वह समय है जो मांगलिक कार्यों, जैसे- विवाह, गृह प्रवेश, या व्यवसाय शुरू करने पर, निर्विघ्न सफलता सुनिश्चित करने और सकारात्मक परिणाम देने के लिए चुना जाता है।
तारा प्रबल
शास्त्रों के अनुसार, जब पंचांग के पांचों अंग अत्यंत शुभ अवस्था में हों, तो उसे अबूझ मुहूर्त (aboojh muhoort) कहते हैं। इन दिनों में शुक्र और गुरु जैसे शुभ ग्रहों का तारा प्रबल होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली (Horoscope) में ग्रह दोष हों या शादी के लिए सामान्य मुहूर्त न मिल रहे हों, तो इन तिथियों पर विवाह करना सर्वोत्तम माना जाता है।
फुलेरा दूज सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त
फाल्गुन मास में फुलेरा दूज (Phulera Dooj) को साल का सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त (aboojh muhoort) माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने राधा रानी के साथ फूलों की होली खेली थी, इसलिए यह दिन प्रेम और विवाह के लिए अटूट माना जाता है।
फाल्गुन मास में में 12 मुहूर्त
5 फरवरी, 2026, गुरुवार
6 फरवरी, 2026
8 फरवरी, 2026
10 फरवरी, 2026
12 फरवरी, 2026
14 फरवरी, 2026
19 फरवरी, 2026
20 फरवरी, 2026
21 फरवरी, 2026
24 फरवरी, 2026
25 फरवरी, 2026
26 फरवरी, 2026