वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज (Saint Premanand Maharaj) से मिलने की चाहत में आगरा के पहलवान गौरव चाहर (Wrestler Gaurav Chahar) ने अपनी श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए एक असाधारण पदयात्रा पूरी की। पहलवान गौरव चाहर 2 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे अपने गांव अकोला से कमर से रस्सी बांधकर एक कार और एक थार गाड़ियों को खींचते हुए पैदल वृंदावन पहुंचे।
मथुरा। वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज (Saint Premanand Maharaj) से मिलने की चाहत में आगरा के पहलवान गौरव चाहर (Wrestler Gaurav Chahar) ने अपनी श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए एक असाधारण पदयात्रा पूरी की। पहलवान गौरव चाहर 2 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे अपने गांव अकोला से कमर से रस्सी बांधकर एक कार और एक थार गाड़ियों को खींचते हुए पैदल वृंदावन पहुंचे। करीब 90 किलोमीटर की दूरी तय कर वृंदावन पहुंचे गौरव का जोरदार स्वागत किया गया।
अकोला चाहरवाटी निवासी गौरव चाहर (Gaurav Chahar) ने तपती धूप और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए यह साहसिक यात्रा पूरी की। सफर में उनके पिता, परिजन और मित्रगण साथ रहे। गौरव का उद्देश्य संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj) के दर्शन करना है। वे उनसे वार्ता कर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं।
गौरव ने बताया कि संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj) के प्रति उनकी गहरी आस्था ही उन्हें इस कठिन साधना को पूरा करने की शक्ति दे रही है। गौरव का मानना है कि महाराज के प्रति उनकी श्रद्धा ने ही उन्हें यह कठिन यात्रा पूरी करने में मदद की।