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पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार : पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करें, फिर राज्यों वैट कम करने को कहें

देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बातचीत में बड़ी बात कही है। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकारों से वैट घटाने की अपील की है। ऐसा बयान देकर पीएम मोदी ने न सिर्फ पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम का जिक्र छेड़ा बल्कि इस मामले में गेंद भी विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों के पाले में डाल दी है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बातचीत में बड़ी बात कही है। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकारों से वैट घटाने की अपील की है। ऐसा बयान देकर पीएम मोदी ने न सिर्फ पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम का जिक्र छेड़ा बल्कि इस मामले में गेंद भी विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों के पाले में डाल दी है।

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पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera)  ने कहा कि पीएम मोदी ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क से 26 लाख करोड़ रुपये कमाए। क्या उन्होंने इसे राज्यों से साझा किया है? आपने राज्यों को जीएसटी का हिस्सा समय पर नहीं दिया और फिर आप राज्यों से वैट को और कम करने के लिए कहते हैं। उन्हें केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करना चाहिए और फिर दूसरों से वैट कम करने के लिए कहना चाहिए।

पीएम ने कहा कि केंद्र ने पिछले नवंबर में ईंधन की कीमतों पर उत्पाद शुल्क कम किया और राज्यों से कर कम करने का भी अनुरोध किया। मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा हूं, बल्कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, झारखंड, तमिलनाडु से अनुरोध करता हूं कि अब वैट कम करें और लोगों को लाभ दें।

देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बातचीत में बड़ी बात कही है। उन्होंने राज्य सरकारों से वैट घटाने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि छह महीने लेट ही सही, लेकिन अब राज्य सरकारें तेल पर टैक्स घटा लें। पीएम नरेंद्र मोदी ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई मीटिंग में यह बयान दिया है।

वैश्विक संकट अनेक चुनौतियां लेकर आ रहा है, ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को और बढ़ाना अनिवार्य

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इस दौरान उन्होंने कहा कि वैसे यह मीटिंग कोरोना वायरस पर थी, लेकिन यहां बढ़ते तेल के दाम का भी जिक्र आया। मुख्यमंत्रियों संग बातचीत में मोदी ने कहा कि जो युद्ध की परिस्थिति पैदा हुई है, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हुई है। ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। ये वैश्विक संकट अनेक चुनौतियां लेकर आ रहा है, ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को और बढ़ाना अनिवार्य हो गया है।

नवंबर में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी, तब राज्य सरकारों से भी VAT घटाने को कहा 

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मोदी ने आगे पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का उदाहरण दिया। वह बोले कि लोगों पर भार कम करने के लिए नवंबर में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। तब राज्य सरकारों से भी VAT घटाने को कहा गया था। कुछ राज्यों ने तो केंद्र की बात मानकर लोगों को राहत दी, लेकिन कुछ राज्यों ने ऐसा नहीं किया।

पीएम मोदी ने कहा कि इस वजह से उन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत इस वक्त बाकी राज्यों से ज्यादा है। पीएम ने कहा कि ऐसा करना अन्याय है, क्योंकि इसका नुकसान पड़ोसी राज्यों को भी होता है क्योंकि लोग वहां तेल भरवाने जाते हैं। पीएम ने माना कि टैक्स में कटौती करने वाले राज्य को राजस्व की हानि होती है लेकिन इससे आम जनता को राहत मिलती है। मोदी ने आगे कहा कि कर्नाटक अगर वैट नहीं घटाता तो उसे भी इन छह महीनों में पांच हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलता। गुजरात ने भी वैट घटाया था। नहीं घटाया होता तो उसे भी 3-4 हजार करोड़ का ज्यादा राजस्व मिल जाता। लेकिन इन समेत कई राज्यों ने टैक्स में कटौती करके अपने राज्य के लोगों को राहत दी।

वहीं कर्नाटक-गुजरात के पड़ोसी राज्यों ने कटौती नहीं करके 4-5 हजार करोड़ का अतिरिक्त राजस्व कमा लिया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी घटाए हुए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकारें चाहें तो अब भी VAT कम करके राहत दे सकती हैं।

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