भारत के फूडटेक दिग्गज और सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपने कॉरपोरेट नाम को बदलकर "इटरनल लिमिटेड" रखने की अनुमति प्राप्त कर ली है।
Zomato New Name : भारत के फूडटेक दिग्गज और सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने अपने कॉरपोरेट नाम को बदलकर “इटरनल लिमिटेड” रखने की अनुमति प्राप्त कर ली है। यह बदलाव कंपनी के दीर्घकालिक बिजनेस विजन का हिस्सा है। सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी को नए क्षेत्रों में विस्तार करने का रास्ता मिल सकता है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “इस प्रकार, कंपनी का नाम 20 मार्च, 2025 से संशोधित होकर “इटरनल लिमिटेड” हो गया है, और कंपनी के मेमोरेंडम और एसोसिएशन के लेख कंपनी के नाम के परिवर्तन की सीमा तक बदल गए हैं।”
यह ध्यान देने योग्य है कि यह नवीनतम प्रयास दूसरी बार है जब कंपनी खुद को पुनः ब्रांड कर रही है। 2008 में फूडीबे के रूप में स्थापित इस कंपनी का नाम 2010 में बदलकर ज़ोमैटो कर दिया गया था।
नया कदम रणनीतिक बदलाव
जोमैटो सिर्फ फूड डिलीवरी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और विविध व्यवसायों में प्रवेश की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अब क्लाउड किचन, क्विक कॉमर्स (ब्लिंकिट), हाइपरलोकल सर्विसेज और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकती है। फूड डिलीवरी सर्विस पहले की तरह जारी रहेगी। ब्रांडिंग और ग्राहक सेवाओं में धीरे-धीरे बदलाव आ सकते हैं।
त्वरित डिलीवरी
यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब ब्लिंकिट त्वरित डिलीवरी की बढ़ती मांग के कारण इटरनल के पोर्टफोलियो में स्टार परफॉर्मर के रूप में उभरा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) की तीसरी तिमाही (Q3) में ज़ोमैटो के कुल परिचालन राजस्व INR 5,405 करोड़ में क्विक कॉमर्स वर्टिकल का एक चौथाई (INR 1,399 करोड़) हिस्सा था।
खाद्य वितरण व्यवसाय
ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का मानना है कि ब्लिंकिट वित्त वर्ष 30 तक ज़ोमैटो के खाद्य वितरण व्यवसाय के राजस्व को पार कर जाएगा।