पूर्वी बांग्लादेश के सिलहट ज़िले के गोवाईनघाट में एक हिंदू परिवार के घर में आग लग गई। यह घटना गुरुवार को दोपहर लगभग चार बजे के आस-पास की है। यह घटना गोवाईनघाट हाई स्कूल के टीचर बिकाश रंजन देब के घर पर हुई। मौके का मुआयना करने के बाद, पुलिस सब-इंस्पेक्टर दीदार ने बताया कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
नई दिल्ली। पूर्वी बांग्लादेश के सिलहट ज़िले के गोवाईनघाट में एक हिंदू परिवार के घर में आग लग गई। यह घटना गुरुवार को दोपहर लगभग चार बजे के आस—पास की है। यह घटना गोवाईनघाट हाई स्कूल के टीचर बिकाश रंजन देब के घर पर हुई। मौके का मुआयना करने के बाद, पुलिस सब-इंस्पेक्टर दीदार ने बताया कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। वहीं सोशल मीडिया लोग हिंदू परिवार पर हमला होने की बात बोल रहे है।
सिलहट, बांग्लादेश
बांग्लादेश में हिंदू परिवार पर हमला
सिलहट के गोवाइनघाट इलाके में शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे के घर पर हमला किया गया।
हमलावरों ने उनका घर आग के हवाले कर दिया।यह घटना एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। pic.twitter.com/ajqKlo9q2R
— Ocean Jain (@ocjain4) January 16, 2026
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घर के मालिक बिकाश रंजन देब पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनका कोई निजी या पारिवारिक दुश्मन नहीं है और उस इलाके में हिंदू और मुस्लिम दोनों मिलजुलकर एक साथ रहते हैं। उनका मानना है कि यह घटना पूरी तरह से शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ एक हादसा था। आग लगने के बाद, गोवाईनघाट पुलिस बिकाश रंजन देब के घर गई और उनसे बात की। उन्होंने बातचीत का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया है। बिकाश रंजन देब ने बताया कि आग से लगभग पांच मिलियन टका का सामान जल कर राख हो गया है। स्थानीय लोगों और फायर सर्विस की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे और ज़्यादा नुकसान होने से बच गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं की लहर चल रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे बार-बार हमलों पर बात की और इन घटनाओं से तेज़ी से और सख्ती से निपटने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने ये बातें साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहीं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों के बारे में एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम बांग्लादेश में चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार होने वाले हमलों का एक परेशान करने वाला पैटर्न देख रहे हैं। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तेज़ी से और सख्ती से निपटना चाहिए।