सनातन धर्म अक्षय तृतीया तिथि् का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल तृतीया) हिंदू धर्म में सबसे शुभ तिथियों में से एक है, जिसे 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है।
Akshaya Tritiya 2026 : सनातन धर्म अक्षय तृतीया तिथि् का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल तृतीया) हिंदू धर्म में सबसे शुभ तिथियों में से एक है, जिसे ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है।
दान और पूजा का फल
पौराणिक ग्रंथों में वर्णित है कि इस दिन किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) होता है। यह दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और परशुराम जी की पूजा के साथ सोना खरीदने के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
मांगलिक कार्य
अक्षय तृतीया के विशेष् दिन किसी भी मांगलिक कार्य को आप बिना मुहूर्त देखे कर सकते हैं। साथ ही अक्षय तृतीया पर सोने के आभूषण खरीदना बहुत अच्छा माना जाता है।
2026 में अक्षय तृतीया की तिथि और मुहूर्त
अक्षय तृतीया 2026, 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी
तृतीया तिथि प्रारंभ- 18 अप्रैल 2026 को शाम 05:31 बजे से
तृतीया तिथि समाप्त- 19 अप्रैल 2026 को दोपहर 02:12 बजे तक
ग्रहों को करें मजबूत
अगर आप हल्दी खरीदते हैं, तो इससे आपके गुरु को मजबूती मिलती है।
रूई
रूई खरीदने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है साथ ही, देवी लक्ष्मी की भी कृपा आप पर बरसती है। मिट्टी का बर्तन मंगल को मजबूत करता है साथ ही कर्ज से भी मुक्ति मिल सकती है।
पीली सरसों
वहीं, पीली सरसों से दरिद्रता दूर होती है और नकारात्मकता दूर होती है। इसके अलावा पीली कौड़ी धन, संपत्ति और समृद्धि का कारण बन सकता है।