New Delhi : अमरेका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है। इस युद्ध के चलते कई देश में ऊर्जा की आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि भारत में कथित एलपीजी की कमी के लिए मोदी सरकार की गलत विदेश जिम्मेदार है। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से बातचीत की है। जिसको लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।
New Delhi : अमरेका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है। इस युद्ध के चलते कई देश में ऊर्जा की आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि भारत में कथित एलपीजी की कमी के लिए मोदी सरकार की गलत विदेश जिम्मेदार है। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से बातचीत की है। जिसको लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत वाले एक्स पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, ‘Sir क्या आपको ट्रम्प ने ट्वीट करने की इजाजत दे दी? इतनी गहरी नींद से आप तब जागे जब पूरा देश गैस सिलेंडर की लाइनों में खड़ा हो गया। आपके चमचे कह रहे थे “मुझे विदेश नीति का ज्ञान नही” आख़िर मैं भी तो यही कह रहा था “ईरान हमारा परंपरागत मित्र है संकट की इस घड़ी में उससे बात तो करो रूस और चीन की तरह हमारे ज़हाज भी हार्मोज से निकलें।’
Sir क्या आपको ट्रम्प ने ट्वीट करने की इजाजत दे दी?
इतनी गहरी नींद से आप तब जागे जब पूरा देश गैस सिलेंडर की लाइनों में खड़ा हो गया।
आपके चमचे कह रहे थे “मुझे विदेश नीति का ज्ञान नही”
आख़िर मैं भी तो यही कह रहा था “ईरान हमारा परंपरागत मित्र है संकट की इस घड़ी में उससे बात तो करो… https://t.co/D33N0T6HBt— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) March 12, 2026
इससे पहले, पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से बातचीत की, जिसमें क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा हुई। तनाव बढ़ने, आम नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, साथ ही सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता, भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएं बनी हुई हैं। शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और बातचीत तथा कूटनीति का आग्रह किया।’