ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी वायु सेनाओं ने शनिवार शाम को एक संयुक्त हवाई हमला किया। हमले में सीरिया के इस्लामिक स्टेट (दाएश) समूह द्वारा पहले इस्तेमाल किए गए एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडारण स्थल को निशाना बनाया गया। ब्रिटेन सरकार ने कहा कि यह ऑपरेशन तीन जनवरी को दाएश गतिविधी को रोकने के लिए किया गया है।
नई दिल्ली। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय (UK Ministry of Defense) ने कहा कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी वायु सेनाओं (British and French air forces) ने शनिवार शाम को एक संयुक्त हवाई हमला किया। हमले में सीरिया के इस्लामिक स्टेट (दाएश) (Islamic State Daesh) समूह द्वारा पहले इस्तेमाल किए गए एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडारण स्थल (underground weapons storage site) को निशाना बनाया गया। ब्रिटेन सरकार ने कहा कि यह ऑपरेशन तीन जनवरी को दाएश गतिविधी को रोकने के लिए किया गया है।
ब्रिटेन और फ्रांस की वायुसेनाओं ने शनिवार शाम सीरिया में दाएश के अंडरग्राउंड हथियार भंडार पर हमला कर दिया। ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने इसकी जानकारी दी है। उन्होने कहा कि यह सीरिया के मध्य भाग में प्राचीन शहर पल्मायरा के उत्तर में पहाड़ी इलाके में ब्रिटिश टाइफून विमान से हमला किया गया है। हमला जिस जगह पर किया गया है, वहां पर कोई भी नागरिक नहीं था। जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई ब्रिटेन की नेतृत्व क्षमता दिखाती है। हम अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दाएश को रोकने और मध्य पूर्व में उनकी हिंसक विचाराधारा को रोकने के लिए किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि RAF टाइफून FGR4 लड़ाकू जेट, एक वॉयजर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर (RAF Typhoon FGR4 fighter jet, a Voyager air-to-air refuelling tanker) के समर्थन से हमला किया गया था। वहीं एक्सेस सुरंगों को निशाना बनाने के लिए पेववे IV सटीक-निर्देशित बमों का इस्तेमाल किया गया था। मंत्रालय ने कहा कि हालांकि विस्तृत मूल्यांकन अभी चल रहा है।, शुरुआती संकेत हैं कि लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया था। मिशन पूरा करने के बाद सभी RAF विमान सुरक्षित लौट आए। ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने की ब्रिटेन की प्रतिबद्धता को दिखाया है।