रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पार्टी पर असम की उपेक्षा करने और राज्य के साथ सौतेले जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। तेजपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, जहां एनडीए उम्मीदवार और असम गण परिषद के नेता पृथ्वीराज राभा भी मौजूद थे।
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पार्टी पर असम की उपेक्षा करने और राज्य के साथ सौतेले जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। तेजपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, जहां एनडीए उम्मीदवार और असम गण परिषद के नेता पृथ्वीराज राभा भी मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत पर भरोसा जताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असम की धरती संस्कृति और प्रकृति दोनों ही मामलों में समृद्ध है। असम की चाय की महक न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में महसूस की जा सकती है। यह साहस और महान नायक लचित बोरफुकन की धरती है। असम के वीरों ने राष्ट्र के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया है। आपके जज्बे को देखकर मुझे पूरा भरोसा है कि कोई भी ताकत यहां BJP की सरकार बनने से नहीं रोक सकती।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा ने असम की संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया है। सिंह ने कहा कि BJP ने यह संकल्प लिया है कि असम की संस्कृति और पहचान सुरक्षित रहनी चाहिए। इसके लिए सीएम हिमंत बिसवा के नेतृत्व में यहां डबल-इंजन वाली सरकार काम कर रही है। असम को अब भारत के भीतर एक अलग पहचान मिल चुकी है। कांग्रेस ने हमेशा असम की उपेक्षा की है। असम के साथ हमेशा सौतेले जैसा बर्ताव किया गया। कांग्रेस के कुशासन के चलते यहां की चर्चाएं हमेशा उग्रवाद, गरीबी और अशांति के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती थीं। उन्होने कहा कि असम को लेकर होने वाली चर्चाओं का विषय अब भुखमरी और उग्रवाद से हटकर विकास पर केंद्रित हो गया है। आज पूरी दुनिया में कोई भी भुखमरी या उग्रवाद की बात नहीं करता। अब यहां की चर्चाएं विकास के इर्द-गिर्द घूमती हैं और यह सब भाजपा की वजह से ही संभव हो पाया है। सीमावर्ती इलाकों के कई गांवों को कांग्रेस के शासनकाल में कभी आखिरी गांव कहा जाता था, लेकिन हमने उन्हें राष्ट्र के पहले गांव का दर्जा दिया है। पिछले 12 सालों में पीएम मोदी 30 बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं। जबकि कांग्रेस के शासनकाल में पीएम शायद ही कभी इस क्षेत्र का दौरा करते थे।