Politics Heats Up Over 'Dhurandhar 2' : रणवीर सिंह की फिल्म अपने ओपनिंग डे के लिए 50 करोड़ से ज्यादा एडवांस ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी 'धुरंधर 2' से पहले दिन 100 करोड़ नेट कलेक्शन की उम्मीद की जा रही है। गुरुवार दोपहर तक थियेटर्स हाउसफुल हैं और इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इस रिकॉर्ड के लिए तैयार नजर आ रहा है। बुक माय शो पर हर घंटे 70 हजार से ज्यादा टिकट बुक हो रहे हैं। इस बीच, फिल्म को लेकर सियासत गरमाने लगी है। विपक्षी नेताओं ने इस फिल्म पर प्रेपोगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है।
Politics Heats Up Over ‘Dhurandhar 2’ : रणवीर सिंह की फिल्म अपने ओपनिंग डे के लिए 50 करोड़ से ज्यादा एडवांस ग्रॉस कलेक्शन कर चुकी ‘धुरंधर 2’ से पहले दिन 100 करोड़ नेट कलेक्शन की उम्मीद की जा रही है। गुरुवार दोपहर तक थियेटर्स हाउसफुल हैं और इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इस रिकॉर्ड के लिए तैयार नजर आ रहा है। बुक माय शो पर हर घंटे 70 हजार से ज्यादा टिकट बुक हो रहे हैं। इस बीच, फिल्म को लेकर सियासत गरमाने लगी है। विपक्षी नेताओं ने इस फिल्म पर प्रेपोगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, ‘धुरंधर 2’ के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने फिल्म पर भाजपा समर्थित प्रेपोगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है। कुछ यूजर्स इसे भाजपा सरकार के कामों का प्रचार करने वाली फिल्म है। फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, “यह साफ़ है कि यह फ़िल्म एक खास एजेंडे के तहत बनाई गई है। इसमें जिस तरह की हिंसा दिखाई गई है, मेरे विचार से, वह युवा पीढ़ी के लिए सही नहीं है। जिस तरह से एक खास समुदाय पर आरोप लगाए गए हैं, वह भी ठीक नहीं है। इस तरह का चित्रण समाज में नफ़रत और नकारात्मकता बढ़ाने का ही काम करता है।”
एनसीपी (SP) सांसद फौजिया खान ने आईएएनएस से कहा, “…इस तरह की फिल्में बनाई जा रही हैं, और हमने सुना है कि इनकी स्क्रीनिंग प्रधानमंत्री के सामने भी होती है। इसके बाद, पूरे देश में मुसलमानों के खिलाफ दुष्प्रचार चलाया जा रहा है। अपने ही देश के नागरिकों को दुश्मन बनाना सही नहीं है…” इस बीच, मुस्लिम धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रिज़वी बरेलवी ने कहा कि धुरंधर 2 जैसी फिल्में हिन्दू-मुस्लिम के बीच दरार पैदा कर रही हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रिज़वी बरेलवी ने कहा, “देखिए, फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ देखने के बाद ऐसा लगता है कि इसमें जो कुछ भी दिखाया गया है, वह सब झूठी कहानियों पर आधारित है। और ऐसी मनगढ़ंत कहानियों पर बनी हर चीज़ भी झूठी ही होती है। फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों, खासकर निर्देशकों का मकसद सिर्फ़ एक ही लगता है – पैसा कमाना। पैसे की इस दौड़ में वे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दरार पैदा कर रहे हैं और विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच की आपसी सद्भावना और भाईचारे को खत्म करना चाहते हैं।”
दूसरी तरफ, निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ के बारे में कहा, “…सिनेमा सुधार का एक माध्यम है, जो यह सिखाता है कि गलतियों के परिणाम होते हैं। यह अच्छी और बुरी राजनीति को दिखाता है, सही और गलत लोगों को उजागर करता है, और सामाजिक मूल्यों को दर्शाता है। समाज में जो कुछ भी हो रहा है, वह पर्दे पर दिखाया जाता है…”