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पटना में किसान-मजदूर और छात्रों का मार्च, जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ डाकबंगला पहुंचे प्रदर्शनकारी

बिहार की राजधानी पटना में आज 28 सितम्बर सोमवार को अलग-अलग मांगों को लेकर किसान, मजदूर और छात्र संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से शुरू हुए इस मार्च में बेरोजगारी, महंगाई, बाढ़-सूखा के स्थायी समाधान, मजदूरों के रोजगार, कृषि संकट और अन्य जन मुद्दों को उठाया गया।

By Sushil Sah 
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पटना। बिहार की राजधानी पटना में आज 28 सितम्बर सोमवार को अलग-अलग मांगों को लेकर किसान, मजदूर और छात्र संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से शुरू हुए इस मार्च में बेरोजगारी, महंगाई, बाढ़-सूखा के स्थायी समाधान, मजदूरों के रोजगार, कृषि संकट और अन्य जन मुद्दों को उठाया गया।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मार्च कई जन संगठनों की ओर से निकाला गया था। बता दें कि यह मार्च गांधी मैदान से जेपी गोलंबर, डाकबंगला, तारामंडल और इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए लोक भवन की ओर बढ़ने वाला था। आयोजकों ने बाढ़ और सूखा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने तथा इसके स्थायी समाधान की मांग भी उठाई। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और किसानों से जुड़े मुद्दे भी प्रदर्शन के मुख्य विषय रहे।

जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी

इस मार्च के दौरान जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। जिससे की प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके। फिर भी प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए और डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। इससे इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।

आपको बता दें कि इस मार्च में किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन, छात्र और महिला संगठनों समेत कई जन संगठनों ने हिस्सा ली थी। वहीं, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) के छात्रों ने स्थायी कुलपति की नियुक्ति और शैक्षणिक सत्र नियमित करने जैसी मांगों को लेकर भी अलग से प्रदर्शन किया।

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इस प्रदर्शन में महंगाई और बेरोजगारी, बाढ़ और सूखा का स्थायी समाधान, किसानों और खेत मजदूरों की समस्याएं, कृषि संकट और पलायन, मजदूरों के रोजगार एवं अधिकार, छात्रों की शिक्षा से जुड़ी मांगें, भूमि अधिग्रहण और अन्य जन मुद्दे शामिल किए गए हैं।

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