Indian naval personnel arrested in Qatar: कतर में मौत की सजा के बाद रिहा हुए पूर्व भारतीय नौसेनिकों में से एक पूर्णंदु तिवारी (Purnendu Tiwari) को एक बार से फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। तिवारी की दोबारा गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब भारत और कतर के संबंधों पर दोनों देशों की नजरें बनी हुई हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिक की हर संभव कूटनीतिक और कानूनी सहायता सुनिश्चित कर रही है, चूंकि मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
Indian Ex naval personnel arrested in Qatar: कतर में मौत की सजा के बाद रिहा हुए पूर्व भारतीय नौसेनिकों में से एक पूर्णंदु तिवारी (Purnendu Tiwari) को एक बार से फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। तिवारी की दोबारा गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब भारत और कतर के संबंधों पर दोनों देशों की नजरें बनी हुई हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिक की हर संभव कूटनीतिक और कानूनी सहायता सुनिश्चित कर रही है, चूंकि मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
विदेश मंत्रालय (MEA) प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि पूर्णेदु तिवारी (Purnendu Tiwari) को दिसंबर महीने में कतर में एक अदालत के फैसले के बाद गिरफ्तार किया गया। जायसवाल ने कहा कि पूर्णंदु तिवारी को पिछले महीने एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो कतर में काफी समय से चल रहा था। इस मामले में कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, लेकिन वे भारतीय नागरिक नहीं हैं। कतर स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Qatar) कमांडर तिवारी और उनके परिवार के संपर्क में है। यह गिरफ्तारी एक कोर्ट के फैसले के बाद हुई है। फिलहाल, यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए इस पर आगे टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
गौरतलब है कि कतर की एक निजी कंपनी दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज (Dahra Global Technologies) में कार्यरत पूर्णेदु तिवारी समेत आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों को अगस्त 2022 में कतर की खुफिया एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। ये जिस कंपनी में कार्यरत थे, वो कतर की नौसेना को प्रशिक्षण प्रदान करती थी। इन अधिकारियों पर लगे आरोपों को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इन पर इजरायल के लिए जासूसी का आरोप लगाए जाने का दावा किया गया था। अक्टूबर 2023 में कतर की एक अदालत ने इन आठों भारतीय नागरिकों को मौत की सजा सुनाई थी। तब भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों के चलते फरवरी 2024 में सभी आठों को रिहा कर दिया गया था।
हालांकि, रिहाई के बाद सात पूर्व नौसेना अधिकारी भारत वापस लौट आए थे, जबकि कमांडर पूर्णेदु तिवारी को कतर में ही रुकने के लिए कहा गया था। तिवारी के खिलाफ कुछ आरोपों के चलते उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रखी गई थी। वह ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले हैं। पूर्णेदु तिवा की बहन कई बार पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारतीय नौसेना प्रमुख से अपने भाई को मानवीय आधार पर तुरंत रिहा कर भारत वापस लाने की अपील कर चुकी हैं।