महाराष्ट्र का पारंपरिक नववर्ष गुड़ी पड़वा इस साल 19 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश आदि जगहों पर गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जाता है।
Gudi Padwa 2026 : महाराष्ट्र का पारंपरिक नववर्ष गुड़ी पड़वा इस साल 19 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश आदि जगहों पर गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जाता है। गुड़ी का शाब्दिक अर्थ झंडा और प्रतिपदा तिथि को पड़वा कहा जाता है। गुड़ी पड़वा का पर्व गोवा, महाराष्ट्र सहित समूचे दक्षिण भारत में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है। घरों के आगे एक गुड़ी ध्वज लगाए जानें की परंपरा है।
यह त्योहार नई शुरुआत, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग घरों में गुड़ी स्थापित करते हैं, पूजा करते हैं और परिवार के साथ खास पकवान बनाते हैं। गुड़ी पड़वा पर पारंपरिक मिठाइयों और नमकीन व्यंजनों की खास जगह होती है। खासतौर पर पूरन पोली को इस त्योहार की पहचान माना जाता है।
गुड़ी पड़वा को मराठी नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा दो शब्दों का संयोजन है गुड़ी का अर्थ के झंडा और पड़वा का अर्थ है शुक्ल पक्ष प्रतिपदा का पहला दिन।
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन इस ब्रह्मांड की रचना शुरू की थी। यह वह शुभ दिन था जब भगवान ब्रह्मा ने समय, ब्रह्मांड और जीव-जंतुओं की रचना की। यह दिन नई शुरुआत, ताजगी और नए कार्यों के लिए अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है।