1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. health care: अगर शरीर में दिखाई दे रहे हैं ये लक्षण तो जरा भी समय न गवाएं, हो सकते हैं कैंसर के लक्षण

health care: अगर शरीर में दिखाई दे रहे हैं ये लक्षण तो जरा भी समय न गवाएं, हो सकते हैं कैंसर के लक्षण

खराब जीवनशैली और लाइफस्टाइल का नतीजा कैंसर जैसे रोगो में लगातार इजाफा हो रहा है। बेहद खतरनाक बीमारी है। हर साल न जाने कितने लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते है। भारत में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

खराब जीवनशैली और लाइफस्टाइल का नतीजा कैंसर जैसे रोगो में लगातार इजाफा हो रहा है। बेहद खतरनाक बीमारी है। हर साल न जाने कितने लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते है। भारत में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 27 लाख लोग कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करा रहे है।इसमें से साल 2020 में कैंसर के कारण साढ़े आठ लाख लोगो की मौत हो गई थी।

पढ़ें :- योगी सरकार में डेटा सेंटर पार्क के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए डेटा सेंटर निवेश की राह पर यूपी

सिर्फ 5-10 प्रतिशत मामलों के लिए जीन जिम्मेदार है। बाकी के लिए पर्यावरण और लाइफस्टाइल जिम्मेदार है। कैंसर से अगर बचना है तो सबसे जरूरी है कि इसकी पहचान शुरुआत में ही कर ली जाए ताकि वक्त रहते इसका इलाज शुरू हो जाए और व्यक्ति की जान बचाई जा सके।

अगर किसी व्यक्ति के जीभ का रंग अचानक से काला पड़ने लगा तो यह गले का इंफेक्शन और बैक्टीरियल इंफेक्शन के भी शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इसके साथ डायबिटीज मरीजों के भी जीभ का रंग काला पड़ने लगता है। कैंसर की बीमारी में भी जीभ का रंग काला पड़ने लगता है। वहीं अल्सर और पेट में होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन में भी जीभ का रंग काला पड़ने लगता है।

वहीं मुंह के कैंसर होने पर शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं जैसे दांतो का ढीला होना। गर्दन के आसपास गांठ जैसी दिखाई देने लगती है। साथ ही होंठ पर सूजन या घाव जो ठीक नहीं हो रहा है। खाने पीने की चीजों को निगलने में दिक्कत हो रही हो। मुंह से खून आना या सुन्न हो जाना और जीभ या मसूड़ों पर सफेद या लाल धब्बे होना जैसे कई लक्षण नजर आने लगते है। वहीं मुंह के कैंसर के कारणों की बात करें तो अधिकतर लोगो आज कल तंबाकू पान मसाला और अधिक सेवन करने की वजह से हो रहा है। इसके अलावा कैंसर जेनेटिक कारण से भी हो सकता है। या फिर मसूड़ों की बीमारी
सूर्य के ज्यादा संपर्क में रहने की वजह से हो सकता है।

पढ़ें :- बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर रही योगी सरकार, कुपोषण व बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरणों का होगा उपयोग
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...