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दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं ने बदला दिल्ली का मिजाज, प्रदूषण से मिली बड़ी राहत

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के निवासियों के लिए आज शुक्रवार की सुबह किसी बड़े 'वेदर सरप्राइज' से कम नहीं थी। जहां लोग मार्च की बढ़ती गर्मी की तैयारी कर रहे थे, वहीं कुदरत ने अचानक करवट ली और दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के आसमान को काले बादलों ने पूरी तरह घेर लिया।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के निवासियों के लिए आज शुक्रवार की सुबह किसी बड़े ‘वेदर सरप्राइज’ से कम नहीं थी। जहां लोग मार्च की बढ़ती गर्मी की तैयारी कर रहे थे, वहीं कुदरत ने अचानक करवट ली और दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के आसमान को काले बादलों ने पूरी तरह घेर लिया। सुबह तड़के से ही कड़कड़ाती बिजली और तेज आंधी के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे इलाके को सराबोर कर दिया है।

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। सुबह का न्यूनतम तापमान गिरकर 16°C तक पहुंच गया है, जिससे मार्च के महीने में ही लोगों को हल्की सिहरन और ठंड का अहसास होने लगा है। इस बेमौसम बदलाव का मुख्य कारण एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और हरियाणा के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण है।

इस झमाझम बारिश ने जहां एक तरफ दिल्ली की दम घोटने वाली हवा (AQI) को साफ कर दिया है और लोगों को प्रदूषण से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर शहर की रफ्तार पर ब्रेक भी लगा दिया है। भारी बारिश की वजह से धौला कुआं, आईटीओ, नोएडा एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम के निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति पैदा हो गई है। दफ्तर जाने वाले लोगों को सुबह-सुबह भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा और सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।

मौसम विभाग (Meteorological Department) का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले 3 सालों में मार्च की सबसे अधिक बारिश साबित हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और वाहन सावधानी से चलाएं।

रिपोर्ट : सुशील कुमार साह

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