हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर साल नई योजनाओं और टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। इसी के तहत हमने ढगवार के मिल्क प्लांट को वर्ल्ड क्लास बनाने की ओर दिशा निर्देश दिया था। इसके बाद हमने NDDB से समझौता किया और इसे वर्ल्ड क्लास मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर साल नई योजनाओं और टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। इसी के तहत हमने ढगवार के मिल्क प्लांट को वर्ल्ड क्लास बनाने की ओर दिशा निर्देश दिया था। इसके बाद हमने NDDB से समझौता किया और इसे वर्ल्ड क्लास मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
उन्होंने आगे कहा, यहां का 20% काम पूरा हो जाने पर मैं यहां शिलान्यास करने आया हूं और अगले साल इसी समय हम इस प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे। इस प्लांट में डेढ़ लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के तहत दूध की प्रोसेसिंग की जाएगी और उससे जुड़े उत्पाद बनेंगे, जिसमें मोजरेला, घी, खोया, पनीर आदि शामिल होंगे। यहां दूध की पैकेजिंग में भी हाई स्टैंडर्ड पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जाएगा, जो वर्ल्ड क्लास स्टैंडर्ड की होगी। इस प्लांट के शिलान्यास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, हम गांव के किसानों के हाथ में पैसा देना चाहते हैं और जिन किसानों के पास पशुधन है, हम उनसे दूध खरीद कर इस मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट में लगाएंगे। हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जो दूध पर MSP दे रहा है। यहां गाय के दूध पर 45 रुपए और भैंस के दूध पर 55 रुपए की MSP दी जा रही है। इससे गरीब किसानों को ये सुविधा रहेगी कि अगर उनका दूध बाजार में नहीं बिक रहा, तो मिल्क फेडरेशन के जरिए उनका दूध सरकार खरीदेगी। हम 2027 तक ‘आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश’ के सपने को पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।