1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. उत्तराखंड के चमोली में आवासीय मकान में मदरसा संचालन के खिलाफ हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

उत्तराखंड के चमोली में आवासीय मकान में मदरसा संचालन के खिलाफ हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। यहां के सनातन तीर्थ ज्योतिर्मठ में एक आवासीय मकान के भीतर कथित रूप से मदरसा चलने का आरोप लगा है। जैसे ही इसकी जानकारी हिंदूवादी संगठनों को मिला, उनलोगों ने मौके पर पहुंचकर भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन कर दिया।

By Sushil Sah 
Updated Date

चमोली, गोपेश्वर। उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। यहां के सनातन तीर्थ ज्योतिर्मठ में एक आवासीय मकान के भीतर कथित रूप से मदरसा चलने का आरोप लगा है। जैसे ही इसकी जानकारी हिंदूवादी संगठनों को मिला, उनलोगों ने मौके पर पहुंचकर भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन कर दिया।

पढ़ें :- दिल्ली हाई कोर्ट का ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर बड़ा फैसला, शिकायत अपीलीय समिति को दिया 15 दिन का समय

बंद कमरे में चल रहा था मदरसा

खबरों के मुताबिक, हिंदू संगठन बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक निजी भवन के भीतर गुपचुप तरीके से मदरसा चलाने की सूचना मिली थी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस आवासीय परिसर में स्थानीय बच्चों को बुलाकर उर्दू और इस्लामिक धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। इसके अलावा इन संगठनों का दावा है कि बच्चों को पढ़ाने के लिए ₹12,000 के मासिक मानदेय पर एक विशेष शिक्षक रखा गया था। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ज्योतिर्मठ आदिगुरु शंकराचार्य की पवित्र तपस्थली और सनातन संस्कृति का केंद्र है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का अवैध मदरसा चलाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके कार्यकर्ताओं ने स्थानीय कोतवाली पहुंचकर पुलिस और प्रशासन को इस मामले की जानकारी देते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शिक्षक ने आरोपों को नकारा

वहीं दूसरी ओर, मकान में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक मिन्नादुल्ला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वहां किसी प्रकार का मदरसा नहीं चलाया जा रहा था। भवन में केवल नियमित नमाज अदा की जाती है और साथ ही कुछ बच्चे कभी-कभी उर्दू सीखने आते हैं।

पढ़ें :- बिहार में सगे भाई का कातिल खुद मौत के मुंह में कूदा, मुंगेर जेल की छत से लगाई छलांग

प्रशासन ने बैठाई जांच

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई हैं। कोतवाली निरीक्षक और तहसीलदार ने हिंदू संगठनों से शिकायत पत्र मिलने की पुष्टि की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान समय में उत्तराखंड सरकार राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर ‘उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...