ज्ञान बिंदू कोचिंग संस्थान (Gyan Bindu Coaching Institute) के निदेशक रौशन आनंद सर (Director Raushan Anand Sir) के भाई प्रिंस यादव (Brother Prince Yadav) की मौत नेपाल में कैसे हुई अभी इसपर सस्पेंस कायम है। नेपाल पुलिस (Nepal Police) को पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) का इंतजार है और इस बेहद ही संवेदनशील मामले में पुलिस हड़बड़ाहट में कुछ भी कहने से बच रही है।
नई दिल्ली। ज्ञान बिंदू कोचिंग संस्थान (Gyan Bindu Coaching Institute) के निदेशक रौशन आनंद सर (Director Raushan Anand Sir) के भाई प्रिंस यादव (Brother Prince Yadav) की मौत नेपाल में कैसे हुई अभी इसपर सस्पेंस कायम है। नेपाल पुलिस (Nepal Police) को पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) का इंतजार है और इस बेहद ही संवेदनशील मामले में पुलिस हड़बड़ाहट में कुछ भी कहने से बच रही है। हालांकि, नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहरे प्रिंस यादव (Prince Yadav) की मौत को लेकर कयासबाजी का दौर जारी है। लेकिन इन सब के बीच प्रिंस यादव (Prince Yadav) के दोस्त ने बताया है कि आखिर प्रिंस की मौत कैसे हुई। कहा जा रहा है कि प्रिंस यादव (Prince Yadav) अपने कुछ दोस्तों के साथ नेपाल में ठहरा हुआ था। इन दोस्तों ने बताया है कि प्रिंस यादव (Prince Yadav) ने दवा खाई थी।
रौशन आनंद (Raushan Anand) के भाई के एक दोस्त अंकित कुमार ने बताया कि प्रिंस का पहले से दवा चलता था। यह दवा दिमागी बीमारी की थी और उसे दो बार अटैक भी आ चुका था। उसको किसी ने कुछ नहीं किया है। इससे पहले वो 5-7 दिनों से ठीक से सो नहीं रहा था। इधर 2-3 दिनों से उसने दवा शुरू की थी जिसके बाद से वो पर्याप्त मात्रा में सोने लगा। उस दिन हमलोग देखे कि वो सो रहा है तो हमें लगा कि अब वो रिलैक्स हो गया है। शाम में हमलोग बाहर निकले।
अंकित कुमार ने आगे बताया कि धीरे-धीरे वो लंबी-लंबी सांसें लेने लगा। उसके बाद उसने हमको तुरंत फोन किया। हमलोग वहां तुरंत पहुंचे और फिर एंबुलेंस बुलाया गया। उसे तुरंत न्यूरो हॉस्पीटल (Neuro Hospital) लेकर हम लोग आए। उसी क्रम में उसकी मौत हो गई। उसको किसी ने नहीं मारा। हमलोग उसके बहुत करीबी दोस्त हैं, हमलोग क्यों करेंगे ऐसा? किसी दूसरे ने भी आकर उसको नहीं माारा है, उसका पहले से ही दवा चलता था।
उसके साथ किसी ने मारपीट नहीं की है, बोला प्रिंस का दोस्त
प्रिंस के एक अन्य दोस्त ने रौशन कुमार बताया है कि 03 तारीख को हम लोग प्रिंस के साथ नेपाल आए थे। यहां हमलोग अलग-अलग होटल में रह रहे थे। घटना की रात हुआ यह कि वो खाना अच्छे से खाकर सो गया था। दवा भी खाई थी उसने। उसको मनोवैज्ञानिक समस्या (Psychological Issue) थी जिसकी वो दवा खाता था। घटना के दिन जब वो सो गया तो हम लोग थोड़ा इधर-उधर घूमने के लिए चले गए। हमलोग घूम रहे थे तो वहां फोन आया कि उसकी तबीयत खराब हो चुकी है। तब तक हम लोग आए और उसे एंबुलेंस में बैठा कर अस्पताल ले गए। अस्पताल में उसको बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। उसके साथ हम लोगों ने या किसी अन्य दूसरे ने मारपीट नहीं की है। वो दवा खा रहा था और उसी के कारण मरा है।