Mamata Banerjee's Rally : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में टीएमसी, भाजपा समेत तमाम दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। सभी दलों के नेता अपने उम्मीदवारों के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। इसके साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। वहीं, पुरुलिया में चुनावी रैली में सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर ज़ोरदार हमला बोला। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा चुनाव जीतकर सत्ता में आती है तो वह लोगों को मच्छली, अंडा और मीट नहीं खाने देगी।
Mamata Banerjee’s Rally : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में टीएमसी, भाजपा समेत तमाम दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। सभी दलों के नेता अपने उम्मीदवारों के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। इसके साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। वहीं, पुरुलिया में चुनावी रैली में सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर ज़ोरदार हमला बोला। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा चुनाव जीतकर सत्ता में आती है तो वह लोगों को मच्छली, अंडा और मीट नहीं खाने देगी।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि भाजपा कहती है कि मछली, मांस और अंडे नहीं खा सकते; वे किसी भी धर्म में विश्वास नहीं रखते; वे दंगे भड़काते हैं। उन्होंने कहा, “BJP-शासित राज्यों में मछली नहीं खाई जाती। अगर BJP सत्ता में आई, तो आप मांस या अंडे भी नहीं खा पाएंगे। भाजपा एकतरफ़ा है, वे किसी भी धर्म में विश्वास नहीं रखते… ये लोग दंगे भड़काते हैं। वे दंगे भड़काकर सत्ता में आते हैं, वे लोगों की हत्या करके सत्ता में आते हैं।” उन्होंने कहा, “आदिवासियों पर सबसे ज़्यादा हमले, महिलाओं पर हमले भाजपा-शासित राज्यों में ही होते हैं… हमारे बंगाली बोलने वाले लोगों पर दूसरे राज्यों में हमले होते हैं। हम किसी पर ज़ुल्म नहीं करते…”
हर विधानसभा क्षेत्र में, मैं ही उम्मीदवार : ममता बनर्जी
पुरुलिया में सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “यह भूल जाइए कि आपका उम्मीदवार कौन है; हर विधानसभा क्षेत्र में, मैं ही उम्मीदवार हूँ। TMC सरकार बनाएगी। आपने अपना खुद का धर्म बना लिया है। हम हर धार्मिक आस्था का पालन करते हैं। आपका कोई धर्म नहीं है। वे बंगाल-विरोधी हैं, लेकिन हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में, हम दिल्ली जीतेंगे।”
मेरे हाथों से सारी शक्तियां छीन ली गई : ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा, “चुनाव के दिन हमें पूरी तरह से चौकस रहना होगा। उनकी योजना हमारे मज़बूत गढ़ों में दोबारा चुनाव करवाने की है… यह एक बहुत बड़ी साज़िश है। याद रखिए, एक घायल बाघ, एक स्वस्थ बाघ से कहीं ज़्यादा खतरनाक होता है। मेरे हाथों से सारी शक्तियां छीन ली गई हैं। वे मेरा मज़ाक उड़ाते हुए कहते हैं कि मैं हर जगह पट्टियां बांधे घूमती हूं। सच तो यह है कि मैं कई बार मौत के मुंह से बचकर निकली हूं। आप चाहें तो, अस्पताल से मेरी मेडिकल रिपोर्ट मंगवाकर देख सकते हैं…”