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Iran-Israel War: 25 मिनट में अमेरिका ने ईरान में मचा दी तबाही, 125 से ज्यादा लड़ाकू विमान और मिसाइलें थीं शामिल

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका की एंट्री हो गयी है। अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान के खिलाफ एक गुप्त और बड़ी सैन्य कार्रवाई की है, जिसका नाम 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' रखा गया था।

By शिव मौर्या 
Updated Date

Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका की एंट्री हो गयी है। अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान के खिलाफ एक गुप्त और बड़ी सैन्य कार्रवाई की है, जिसका नाम ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ रखा गया था। पेंटागन ने इसको लेकर जानकारी दी है। बताया कि, इस ऑपरेशन में अमेरिका के 125 से ज्यादा लड़ाकू विमान और मिसाइलें शामिल थीं।

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संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने रविवार को बताया कि ये हमला ईरान के दो प्रमुख परमाणु केंद्रों- फोर्दो और नतांज पर किया गया। इसके साथ ही इस्फहान शहर में मिसाइलें दागी हैं। जनरल डैन केन ने कहा, हमने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया जो सीधे उनके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े थे। ऑपरेशन को इस तरह अंजाम दिया गया कि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।

कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता
अमेरिकी रक्षा सचिव की तरफा से कहा गया, राष्ट्रपति ट्रंप ने जो प्लानिंग की थी वो साहसिक और शानदार था। दुनिया ने अमेरिका की ताकत को देखा है। जब राष्ट्रपति ट्रंप बोलते हैं तो दुनिया को सुननी चाहिए। धरती पर कोई दूसरा देश इस ऑपरेशन को अंजाम नहीं दे सकता था। जब राष्ट्रपति 60 दिन बातचीत के लिए कहते हैं तो इसका मतलब शांति से है। यह पुरानी सरकार का प्रशासन नहीं है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने शांति चाहते हैं और ईरान को वह रास्ता अपनाना चाहिए।

अमेरिका का ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’
125 से ज्यादा अमेरिकी विमान शामिल- इनमें बमवर्षक, फाइटर जेट, टैंकर और जासूसी विमान शामिल थे। इसमें बी-2 स्टील्थ बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल हुआ, जो मिसौरी से उड़कर आए थे। हर बमवर्षक ने 30,000 पाउंड वजन के खास बम गिराए, बंकर-बस्टर बम के तौर पर जाने जाते हैं। ये बम जमीन के भीतर छिपे ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम हैं। ये हमला रात 6:40 बजे (पूर्वी समयानुसार) शुरू हुआ और सात बजे तक सभी विमान ईरानी हवाई क्षेत्र से निकल चुके थे। इस मिशन को 9/11 के बाद बी-2 बमवर्षकों की सबसे लंबी उड़ान बताया गया है।

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