1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. आश्चर्य की बात है कि शीतकालीन सत्र इतनी देर से बुलाया जा रहा, क्या सरकार के पास नहीं है कोई मुद्दा: जयराम रमेश

आश्चर्य की बात है कि शीतकालीन सत्र इतनी देर से बुलाया जा रहा, क्या सरकार के पास नहीं है कोई मुद्दा: जयराम रमेश

संसद का शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक चलेगा। कंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इसकी जानकारी दी है। अब कांग्रेस नेता जयराम रमेश का इस पर बयान आया है। उन्होंने कहा कि, करीब दस दिन देरी से शीतकालीन सत्र को बुलाया जा रहा है और जल्द ही समाप्त कर दिया जा रहा है। पूछा कि, क्या सरकार के पास कोई मुद्दा नहीं है?

By शिव मौर्या 
Updated Date

Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इसकी जानकारी दी है। अब कांग्रेस नेता जयराम रमेश का इस पर बयान आया है। उन्होंने कहा कि, करीब दस दिन देरी से शीतकालीन सत्र को बुलाया जा रहा है और जल्द ही समाप्त कर दिया जा रहा है। पूछा कि, क्या सरकार के पास कोई मुद्दा नहीं है?

पढ़ें :- जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे आज देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे...भाजपा और पीएम मोदी पर खरगे का निशाना

जयराम रमेश ने कहा कि, आश्चर्य की बात है कि शीतकालीन सत्र इतनी देर से बुलाया जा रहा है। आमतौर पर ये 20 नवंबर के आस पास बुलाया जाता है और 3-4 हफ्ते चलता है, लेकिन इस बार ये 1 दिसंबर को शुरू होगा, जिसमें 15 दिन काम चलेगा। ऐसे में मुझे समझ नहीं आता कि सरकार किस बात से भाग रही है? उन्होंने कहा कि, क्या सरकार के पास कोई मुद्दा नहीं है? क्या सरकार चीन पर कोई बहस नहीं चाहती? क्या दिल्ली के प्रदूषण के कारण ऐसा हो रहा है? क्या सरकार ट्रंप के मामले में बहस से भाग रही है?

बता दें कि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने एक दिसंबर 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमें एक सार्थक सत्र की उम्मीद है जो कि लोकतंत्र को मजबूत करने वाला और लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरने वाला हो।

बता दें कि 21 जुलाई से 21 अगस्त तक संसद का मॉनसून सत्र चला था। इस सत्र के पहले ही दिन राज्यसभा के तत्कालीन सभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया था। पिछले सत्र में एसआईआर और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था। इस सत्र में कुल 21 बैठकें हुई थीं। इस सत्र में राज्यसभा में 15 और लोकसभा में 12 बिल पास हुए थे।

पढ़ें :- अगर कांग्रेस, तुष्टिकरण की नीति के तहत वंदे मातरम् का बंटवारा नहीं करती तो देश का बंटवारा नहीं होता: अमित शाह
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...