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Jal Jeevan Mission Scam : सीएम योगी का जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा एक्शन, 12 इंजीनियर सस्पेंड, चार के खिलाफ विभागीय जांच, तीन को नोटिस व सात का तबादला

यूपी में जल जीवन मिशन योजना में लापरवाही (Jal Jeevan Mission Scam) बरतने पर योगी सरकार (Yogi Government) ने बड़ा एक्शन लिया है। इसके तहत 26 इंजीनियरों और कर्मियों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें से 12 को निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस  नीति (Zero Tolerance Policy) के तहत यह कार्रवाई की है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। यूपी में जल जीवन मिशन योजना में लापरवाही (Jal Jeevan Mission Scam) बरतने पर योगी सरकार (Yogi Government) ने बड़ा एक्शन लिया है। इसके तहत 26 इंजीनियरों और कर्मियों पर कार्रवाई की गई है, जिसमें से 12 को निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस  नीति (Zero Tolerance Policy) के तहत यह कार्रवाई की है। बता दें कि यह एक्शन उन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है जिनमें जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत हो रहे कामों की क्वालिटी और पाइपलाइन बिछाने के बाद खराब छोड़ी गई सड़कों का मुद्दा उठाया गया था। सरकार ने साफ कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पानी पहुंचाने के लक्ष्य में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव (Additional Chief Secretary Anurag Srivastava) ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कार्यशैली सुधारें, वरना बर्खास्तगी होगी। बता दें कि इसके अलावा चार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है और तीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शिकायत के आधार पर सात इंजीनियरों का तबादला भी किया गया है।

जानें कहां-कहां के इंजीनियर हुए निलंबित

जिन इंजीनियरों को निलंबित किया गया है, उनमें लखीमपुर खीरी के एक्सईएन अविनाश गुप्ता, जौनपुर के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के एक्सईएन मो. कासिम हाशमी, चंदौली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता अमित राजपूत, चंदौली के सहायक अभियंता सीताराम यादव, बिजनौर के एई अकबर हसन, औरैया के जेई अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चन्द्र, बाराबंकी के जूनियर इंजीनियर अवनीश प्रताप सिंह, कुशीनगर के कार्यवाहक खंडीय लेखाकार धर्मप्रकाश महेश्वरी निलंबित हो गए हैं।

भ्रष्टाचार और अधूरी परियोजनाओं पर सख्त रुख

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सरकार को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं जिनमें काम पूरा दिखाकर भुगतान लेने की कोशिश की गई थी लेकिन मौके पर काम अधूरा पड़ा था। जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission)  केंद्र और राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है जिसका मकसद हर घर तक साफ पानी पहुंचाना है। लेकिन कई जगहों पर पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं की गई जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विभाग ने अब स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी अधिकारी इस मिशन मोड की योजना में ढिलाई बरतेगा उसे बर्खास्तगी जैसे कठोर कदमों का भी सामना करना पड़ सकता है।

मंत्री और विधायक के बीच विवाद के बाद जागी सरकार

इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे महोबा का एक बड़ा विवाद भी माना जा रहा है, जिसने सरकार का ध्यान खींचा. 30 जनवरी को महोबा के चरखारी में एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। वहां जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh, Minister of Jal Shakti) के काफिले को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत (BJP MLA Brijbhushan Rajput) ने रोककर पाइपलाइन के बाद खराब पड़ी सड़कों का मुद्दा उठाया था। मंत्री और विधायक के बीच हुई इस तीखी बहस ने पूरे सिस्टम की कमियों को उजागर कर दिया और मामला पार्टी स्तर तक पहुंच गया। विधायक का आरोप था कि जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission)  के तहत पाइपलाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। इस मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई, जो बाद में सुर्खियों में आ गई। इसके बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में जांच के आदेश दिए और उन सभी इंजीनियरों को चिन्हित किया जो अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे थे जिसके परिणामस्वरूप आज यह बड़ा एक्शन देखने को मिला है।

बता दें कि जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission)  का उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगहों पर इस लक्ष्य से भटकती नजर आई। शिकायतों में यह भी सामने आया कि काम पूरा दिखाकर भुगतान लिया गया, जबकि मौके पर स्थिति कुछ और थी। ऐसे मामलों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। सरकार का साफ संदेश है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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