रक्षामंत्री ने कहा, 1857 में, जब मेरठ में स्वतंत्रता की पहली लड़ाई लड़ी गई तब खटिक समाज के लोगों ने बहुत वीरता से अंग्रेजों का मुकाबला किया था। अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में खटीकों का बहुत उत्पीड़न किया। लेकिन खटीकों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व दिया। 1946 में जब Direct Action Day की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं का निशाना बनाना शुरू किया गया, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक जाति के बहुत से लोगों ने मोर्चा संभाला था और हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था।
आगरा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा में आयोजित ‘खटिक समाज गर्जना सम्मेलन’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, खटीक समाज के लोग धर्म के लिए समर्पित भी रहे हैं और उसकी रक्षा के लिए हमेशा तत्पर भी रहे हैं। भारत में कई बार बाहर से हमला हुआ है। हमारी संस्कृति और सभ्यता को मिटाने की कई बार नाकाम कोशिशें की गई हैं। लेकिन खटीक समाज के वीरों ने भारत की सनातन और शाश्वत सभ्यता की रक्षा की है।
उन्होंने कहा, हिन्दू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग, उसके मूल भाव को नहीं समझ पाते हैं। हमारी कर्म-आधारित व्यवस्था है। इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं। और कई लोगों का एक ही कर्तव्य भी हो सकता है। लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है और वह है धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना।
रक्षामंत्री ने कहा, 1857 में, जब मेरठ में स्वतंत्रता की पहली लड़ाई लड़ी गई तब खटिक समाज के लोगों ने बहुत वीरता से अंग्रेजों का मुकाबला किया था। अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में खटीकों का बहुत उत्पीड़न किया। लेकिन खटीकों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व दिया। 1946 में जब Direct Action Day की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं का निशाना बनाना शुरू किया गया, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक जाति के बहुत से लोगों ने मोर्चा संभाला था और हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था।
साथ ही कहा, आजादी के बाद भी खटीक समाज सदैव देशसेवा और धर्म के कार्यों में सबसे आगे रहा है। हमें कई सौं वर्षों तक अयोध्या जी में भगवान राम के मंदिर के लिए इंतज़ार करना पड़ा। इसके लिए भारतीयों को बहुत संघर्ष करना पड़ा। अपने ही देश में, आंदोलन करना पड़ा। इस आंदोलन में समाज के हर वर्ग ने अपनी भूमिका निभाई। खटीक समाज के लोगों ने भी राम मंदिर आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था।
उन्होंने कहा, समय चाहे कोई भी रहा हो, चुनौती कैसी भी रही हो और शत्रु कितना भी शक्तिशाली रहा हो; खटीक समाज ने धर्म और देश के स्वाभिमान की रक्षा से कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। ऐसा भी कहा जा सकता है कि खटीक वो है, जो खौफ को भी डरा दे। खटीक वो है जो खतरे में सबसे आगे खड़ा रहे। खटीक वो है जो खुद कठिनाई सहकर भी दूसरों की रक्षा करे।
रक्षामंत्री ने कहा, उत्तर प्रदेश आज विकास के लिए जाना जा रहा है। विश्वस्तरीय Infrastructure के लिए जाना जा रहा है। जो प्रदेश कभी अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था, आज औद्योगिक कॉरिडोर बना रहा है। मेट्रो रेल का Network फैला रहा है। और अब तो आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से बढ़ रहा है। आज उत्तर प्रदेश भी, डबल इंजिन की सरकार के साथ, तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। आप याद कीजिए, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया राज चलता था। ऊबड़-खाबड़ सड़कें होती थीं। असुरक्षा का माहौल था। लोग भय में जी रहे थे। हर दिन दंगे होते थे।
अब, उत्तर प्रदेश ‘One District, Many Mafia’ की पहचान को पीछे छोड़ चुका है। और ‘One District, One Dish’ और ‘One District, One Product’ जैसी पहलों के लिए जाना जा रहा है। यानी आज हाथरस की हींग, फ़िरोजाबाद में बनी काँच की मूर्तियाँ, मथुरा का पेड़ा, दुनिया भर में जाने जा रहे हैं। आगरा के पेठे को कौन भूल सकता है? आगरा का पेठा अपनी मिठास के लिए मशहूर है। ‘One District, One Product’ योजना के तहत आगरा के पेठे को पूरी दुनिया में पहचान मिली है और विदेशों में भी लोग इसके स्वाद का लुत्फ उठा रहे हैं। लेकिन, हमें यह संकल्प लेना है कि हम किसी के भड़कावे में नहीं आएंगे। किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। समाज को बंटने नहीं देंगे। समाज में प्रेम हो, सहयोग हो, एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना हो; इसके लिए हम सभी मिलकर प्रयास करेंगे।