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Leh Ladakh Protest : लेह में बिना अनुमति जुलूस, रैली, मार्च पर बैन, हिंसा के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

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प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस पर पत्थरबाजी करते हुए भाजपा ऑफिस (BJP Office) और CRPF की गाड़ी में आग लगा दी। उधर, प्रशासन ने लेह में बिना अनुमति रैली, प्रदर्शन पर बैन लगा दिया है। प्रदर्शन के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया कि लेह में पहले से लिखित अनुमति के बिना कोई जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जाएगा। जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

लेह जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए जिले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। अब कोई भी जुलूस, रैली या मार्च बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा।

 मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इस बेवकूफी को बंद करें : सोनम वांगचुक 

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साथ ही आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसा बयान नहीं देगा जिससे शांति भंग हो या कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला इलाके में शांति बनाए रखने और हालात बिगड़ने से रोकने के लिए लिया गया है। ये छात्र सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। इसी दौरान हिंसा हुई।

वांगचुक ने अनशन तोड़ा, युवाओं से अपील- हिंसा रोकें

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हिंसा के बाद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने कहा कि यह लद्दाख के लिए दुख का दिन है। हम पांच साल से शांति के रास्ते पर चल रहे थे। अनशन किया, लेह से दिल्ली तक पैदल चलकर गए। आज हम शांति के पैगाम को असफल होते हुए देख रहे हैं। हिंसा, गोलीबारी और आगजनी हो रही है। मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इसे रोक दें, ये लद्दाख के मुद्दे का समर्थन नहीं है। इससे स्थिति और गंभीर होती जाएगी। मैं अपील करता हूं प्रशासन से कि गोलाबारी रोक दें। हम अपना अनशन तोड़ रहे हैं, प्रदर्शन रोक रहे हैं। हम चाहते हैं कि प्रशासन अपना दबाव छोड़ दें। युवा भी हिंसा रोक दें, हमारी यही अपील है। हम लद्दाख और देश में अस्थिरता नहीं आने देना चाहते।

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