1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Leh Ladakh Protest : लेह में बिना अनुमति जुलूस, रैली, मार्च पर बैन, हिंसा के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन

Leh Ladakh Protest : लेह में बिना अनुमति जुलूस, रैली, मार्च पर बैन, हिंसा के बाद वांगचुक ने तोड़ा अनशन

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

पढ़ें :- सोनम वांगचुक नहीं तोड़ेंगे अपना अनशन: अस्पताल से लिखी चिट्ठी, कहा-बहुत आहत हूं

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस पर पत्थरबाजी करते हुए भाजपा ऑफिस (BJP Office) और CRPF की गाड़ी में आग लगा दी। उधर, प्रशासन ने लेह में बिना अनुमति रैली, प्रदर्शन पर बैन लगा दिया है। प्रदर्शन के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया कि लेह में पहले से लिखित अनुमति के बिना कोई जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाला जाएगा। जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

लेह जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए जिले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। अब कोई भी जुलूस, रैली या मार्च बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा।

 मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इस बेवकूफी को बंद करें : सोनम वांगचुक 

पढ़ें :- सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के खिलाफ PIL पर तुरंत सुनवाई से हाई कोर्ट ने किया इनकार

साथ ही आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसा बयान नहीं देगा जिससे शांति भंग हो या कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला इलाके में शांति बनाए रखने और हालात बिगड़ने से रोकने के लिए लिया गया है। ये छात्र सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। इसी दौरान हिंसा हुई।

वांगचुक ने अनशन तोड़ा, युवाओं से अपील- हिंसा रोकें

पढ़ें :- संसद मार्च से पहले सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार और विपक्ष के सामने रखीं ये तीन शर्तें

हिंसा के बाद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने कहा कि यह लद्दाख के लिए दुख का दिन है। हम पांच साल से शांति के रास्ते पर चल रहे थे। अनशन किया, लेह से दिल्ली तक पैदल चलकर गए। आज हम शांति के पैगाम को असफल होते हुए देख रहे हैं। हिंसा, गोलीबारी और आगजनी हो रही है। मैं लद्दाख की युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि इसे रोक दें, ये लद्दाख के मुद्दे का समर्थन नहीं है। इससे स्थिति और गंभीर होती जाएगी। मैं अपील करता हूं प्रशासन से कि गोलाबारी रोक दें। हम अपना अनशन तोड़ रहे हैं, प्रदर्शन रोक रहे हैं। हम चाहते हैं कि प्रशासन अपना दबाव छोड़ दें। युवा भी हिंसा रोक दें, हमारी यही अपील है। हम लद्दाख और देश में अस्थिरता नहीं आने देना चाहते।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...