निलंबित FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा कि, दिनांक 22 जून को लखनऊ अलीगंज क्षेत्र में कोचिंग सेन्टर में लगी आग में 15 मासूम छात्रों की जान चली गई। इस घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया। इस सन्दर्भ में मेरे जैसे छोटे स्तर के अधिकारी FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह पर कार्यवाही की गई है, किन्तु यह कार्यवाही अन्यायपूर्ण है क्योंकि FSSO का कार्यक्षेत्र सीमित है।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गयी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, जिसमें फायर विभाग के FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। अब कमलेंद्र कुमार सिंह ने इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा, छोटे अधिकारियो जैस मेरे विरूद्ध की गई कार्रवाही पर पुनर्विचार किया जाए, घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी लखनऊ CFO पर तय की जाए।
निलंबित FSSO कमलेंद्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा कि, दिनांक 22 जून को लखनऊ अलीगंज क्षेत्र में कोचिंग सेन्टर में लगी आग में 15 मासूम छात्रों की जान चली गई। इस घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया। इस सन्दर्भ में मेरे जैसे छोटे स्तर के अधिकारी FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह पर कार्यवाही की गई है, किन्तु यह कार्यवाही अन्यायपूर्ण है क्योंकि FSSO का कार्यक्षेत्र सीमित है।

मेरा काम केवल स्थानीय निरीक्षण और रिपोर्टिंग तक सीमित है। मेरे पास भवनों की फायर क्लीयरेन्स देने या बड़े पैमाने पर सुरक्षा मानकों को लागू करने का अधिकार नही है, मुख्य जिम्मेदारी CFO लखनऊ की है। CFO ही पूरे शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था और भवनों को फायर क्लीयरेन्स देने के लिए जिम्मेदार होते हैं। जिस इमारत को आवासीय उपयोग के लिए पास किया गया था उसे वर्षों से अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग मे लिया जा रहा था यह तथ्य CFO के संज्ञान में होना चाहिये था।
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा, आग लगने के बाद दमकल प्रक्रिया में देरी और समन्वय की कमी CFO की सीधी लापरवाही को दर्शाती है। निवेदन है कि, छोटे अधिकारियो जैस मेरे विरूध की गई कार्यवाही पर पुनर्विचार किया जाए, घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी लखनऊ CFO पर तय की जाए, CFO के विरूध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्यवाही की जाए, पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय एवं उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।