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Lucknow Rain : राजधानी लखनऊ के कई क्षेत्रों में हुई तेज बारिश,उमस भरी गर्मी से मिली राहत

यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार दोपहर बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई। सुबह से तेज धूप के कारण उमस से बड़ी राहत मिली है । लोगों को गर्मी और उमस ने बेहाल कर रखा था। बुधवार सुबह से ही चमकदार धूप खिली हुई थी। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से दोपहर बाद बारिश का अनुमान जताया गया था।

By santosh singh 
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लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार दोपहर बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई। सुबह से तेज धूप के कारण उमस से बड़ी राहत मिली है । लोगों को गर्मी और उमस ने बेहाल कर रखा था। बुधवार सुबह से ही चमकदार धूप खिली हुई थी। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से दोपहर बाद बारिश का अनुमान जताया गया था। दोपहर बाद करीब 2:30 बजे आसमान में अचानक से बादल छा गए। देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होने और पूरबा हवाओं के असर से उमस और गर्मी से लोगों को राहत महसूस हो रही है।

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मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को ललितपुर, झांसी, महोबा, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली और रामपुर में बारिश होने के आसार जताए हैं। इसके साथ ही सहारनपुर, शामली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर और संभल में भी बारिश होने की संभावना है। साथ ही हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, कासगंज, बदायूं, एटा, लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बलिया, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी समेत लगभग सभी जिलों में बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिक मो. दानिश ने बताया कि आज से धीरे-धीरे बारिश में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। इसके साथ ही राजधानी लखनऊ समेत बाकी हिस्सों में हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है।

मानसून की द्रोणिका दक्षिण की ओर खिसका, इस वजह से बारिश में आई कमी

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी अरब सागर पर बना कम दबाव वाला क्षेत्र, साथ ही पश्चिम विदर्भ और उसके आस-पास के इलाकों में बना एक कम दबाव वाला क्षेत्र, दोनों महासागरों से आने वाली नमी वाली हवाओं को राज्य तक पहुंचने से रोक रहा है। इसके कारण मानसून की द्रोणिका दक्षिण की ओर खिसक गई है। जिसके कारण राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि कम हो गई है। 5 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर एक नया कम दबाव वाला क्षेत्र बनने की संभावना के कारण बारिश की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

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