. भगवान महावीर (Mahāvīra) जैन धर्म के चौंबीसवें (24वें) तीर्थंकर थे। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग दिया और संन्यास धारण कर आत्मकल्याण के पथ पर निकल गये।
चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान महावीर का जन्म हुआ था। इसी पावन तिथि को जैन धर्म के लोग महावीर जयंती के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं।
उदया तिथि को देखते हुए महावीर जयंती का पर्व 31 मार्च 2026, दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है।
भगवान महावीर की कई प्राचीन प्रतिमाओं के देश और विदेश के संग्रहालयों में दर्शन होते है। महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफाओं में भगवान महावीर की प्रतिमा मौजूद है। कर्नाटक की बादामी गुफाओं में भी भगवान महावीर की प्रतिमा स्थित है।
भगवान महावीर ने ईसापूर्व 527, 72 वर्ष की आयु में बिहार के पावापुरी (राजगीर) में कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। पावापुरी में एक जल मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि यही वह स्थान है जहाँ से महावीर स्वामी की देह का अग्निसंस्कार किया गया।