पंजाब के अमृतसर में वहां के ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े दो कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। चार आरोपियों को इस कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पुलिस ने उनके पास से एक आधुनिक M16 राइफल, 25 जिंदा कारतूस, 15 किलोग्राम अफीम और नौ अवैध पिस्तौल बरामद की है। 10 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों और पंजाब पुलिस के बयान के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में वहां के ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े दो कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। चार आरोपियों को इस कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पुलिस ने उनके पास से एक आधुनिक M16 राइफल, 25 जिंदा कारतूस, 15 किलोग्राम अफीम और नौ अवैध पिस्तौल बरामद की है। 10 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों और पंजाब पुलिस के बयान के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।
दो अलग-अलग तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए की गई थी। बता दें कि जांच में दो अलग-अलग नेटवर्क सामने आए हैं। उनका संबंध कथित तौर पर हथियारों और अफीम की अवैध सप्लाई से है। पुलिस अब बरामद सामान के स्रोत और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
विदेश में बैठे तस्करों से संबंध होने का संदेह
पंजाब पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में आरोपियों के विदेश में सक्रिय कथित तस्करों से संपर्क की बात सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि इन संपर्कों के जरिए ही अवैध हथियारों की खरीद और सप्लाई की जा रही थी। साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियारों और नशीले पदार्थों को कहां से लाया गया, इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हो सकते हैं? इसके अलावा शुरुआती जांच में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई की आशंका भी जताई गई है। लेकिन अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अमृतसर के घरिंडा और लोपोके पुलिस थानों में अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के मुताबिक, इस मामले की जांच जारी है। पुलिस कथित तस्करी नेटवर्क के अन्य संपर्कों और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।