पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का काफिला उत्तर 24 परगना के हलीशहर में प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिवंगत कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं। प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेरकर पानी की बोतलें और जूते फेंके।
उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का काफिला उत्तर 24 परगना के हलीशहर में प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिवंगत कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं। प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेरकर पानी की बोतलें और जूते फेंके। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर हिरासत में मौत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि मेरी गाड़ी के ऊपर पत्थर से हमला हुआ। पुलिस के सामने ही एंटी-सोशल ने अटैक किया। अगर गाड़ी का शीशा खुला रहता, तो मेरा सिर फट जाता और मैं मर जाती।
ममता बनर्जी बता रही हैं कि बैरकपुर में मेरी गाड़ी पर बडे बडे पत्थरो से हमला किया गया
बहुत से असमाजिक तत्वों ने पुलिस के सामने हमारी गाड़ी पर इतना हमला कियाउन्होंने कहा कि अगर हमारी गाड़ी का शीशा खुला होता तो हमारा माथा फट जाता हम लोग सब मर जाते। पत्रकारों ने पूछा कि पुलिस क्या… pic.twitter.com/xoyjem9Z7V
— Awesh Tiwari (@awesh29) August 9, 2026
उन्होंने कहा, कि लोग पुलिस के सामने ही आकर हमला कर रहे थे। हम बहुत किस्मत वाले थे। अगर गाड़ी की खिड़की खुली होती तो हमारे सिर फूट जाते और हम सबकी जान भी जा सकती थी। ममता बनर्जी ने कहा कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ है। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। यह क्या हो रहा है? पुलिस भाजपा को सुरक्षा दे रही है।
कल्याण बनर्जी ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग का 12 बजा दिया है।
क्या है हिरासत में मौत का मामला?
दरअसल, ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और पूर्व पार्षद के पति बिरजू केओट के घर पहुंची थीं। उनकी कल संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पीटने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया था। मृतक के परिवार का आरोप है कि शुक्रवार रात पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके ले गई थी। परिवार का दावा है कि पुलिस लॉकअप में उन्हें बुरी तरह पीटा गया। अगले दिन वह पुलिस लॉकअप में अचेत अवस्था में मिले थे।
मृतक की पत्नी का दावा है कि वह रात में अपने पति से मिलकर आई थीं और उस समय वह ठीक थे। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर सुबह उनके पति की मौत की खबर कैसे आई। पत्नी का आरोप है कि उनके पति के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट की गई थी। मृतक की पत्नी ने यह भी दावा किया कि उनके पति के शरीर पर चोट और खून के गहरे निशान थे। उनका आरोप है कि उन्हें रस्सी से बांधकर पीटा गया था।