ईरान ने जंग की बीच दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (US Aircraft Carrier Abraham Lincoln) पर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद उसे इलाका छोड़कर पोजिशन बदलनी पड़ी। ईरानी सेना (Iranian Military) के मुताबिक, नौसेना ने कादेर क्रूज मिसाइलों (Ghader Cruise Missiles) से कैरियर को निशाना बनाया। इस हमले के बाद अमेरिकी बेड़े को अपनी स्थिति बदलनी पड़ी।
नई दिल्ली। ईरान ने जंग की बीच दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (US Aircraft Carrier Abraham Lincoln) पर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद उसे इलाका छोड़कर पोजिशन बदलनी पड़ी। ईरानी सेना (Iranian Military) के मुताबिक, नौसेना ने कादेर क्रूज मिसाइलों (Ghader Cruise Missiles) से कैरियर को निशाना बनाया। इस हमले के बाद अमेरिकी बेड़े को अपनी स्थिति बदलनी पड़ी।
ईरानी नौसेना प्रमुख शहराम ईरानी (Iranian Navy Chief Shahram Irani) ने कहा कि अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे ही यह बेड़ा मिसाइल रेंज में आएगा, उस पर और भी शक्तिशाली हमले किए जाएंगे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और अमेरिका की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान की सेना के मुताबिक युद्ध के 26वें दिन यह कार्रवाई की गई। ईरानी नौसेना (Iranian Navy) ने कहा कि अब्राहम लिंकन लगातार उसकी निगरानी में था और जैसे ही वह मिसाइल की रेंज में आया, उसे निशाना बनाया गया। ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिका के हर कदम पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। इस बीच पाकिस्तान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया है, लेकिन तेहरान ने बातचीत के संकेतों को खारिज कर दिया है।
क्या सच में अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया गया?
ईरान का दावा है कि उसने सफलतापूर्वक हमला किया, लेकिन अमेरिका की तरफ से इस पर कोई पुष्टि नहीं आई है। ऐसे में इस दावे की सच्चाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। हालांकि यह साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
इस्राइल और अमेरिका का क्या है रुख?
इस्राइल ने साफ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। भारत में इस्राइल के राजदूत ने भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं रुका तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका भी ईरान पर दबाव बनाए हुए है, हालांकि ट्रंप ने हाल में कुछ नरमी के संकेत भी दिए हैं।
ईरान के नेताओं ने कहा है कि वे क्षेत्र में अमेरिका की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि किसी भी गलत आकलन का जवाब कड़ा होगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इन हालातों के बीच पश्चिम एशिया में शांति की संभावना फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।
अब्राहम लिंकन विमानवाहक युद्धपोत कितना ताकतवर
अमेरिका की नौसेना का एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक युद्धपोत है। यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य जहाजों में गिना जाता है और अमेरिकी नौसेना की ताकत का बड़ा प्रतीक है।
क्या है इसकी खासियत?
यह निमिट्ज क्लास का एयरक्राफ्ट कैरियर है। परमाणु ऊर्जा से चलता है, इसलिए इसे बार-बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं होती। यह लगभग 90 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर ले जा सकता है। एक छोटे शहर जितना बड़ा, इसमें करीब 5000 से ज्यादा क्रू मेंबर रहते हैं।
कैसे करता है काम?
यह समुद्र में चलते-चलते ही फाइटर जेट लॉन्च और लैंड कर सकता है। इसमें F/A-18 जैसे लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और निगरानी विमान तैनात होते हैं। युद्ध के समय यह हमला, निगरानी और सुरक्षा तीनों काम करता है।