बांग्लादेश में बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान (BNP chief Tariq Rahman) के सत्ता संभालते ही राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन (Bangladesh President Mohammad Shahabuddin) ने देश राजनीतिक भूचाल लाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) पर उनको दरकिनार करने का गंभीर आरोप लगाया है।
नई दिल्ली। बांग्लादेश में बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान (BNP chief Tariq Rahman) के सत्ता संभालते ही राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन (Bangladesh President Mohammad Shahabuddin) ने देश राजनीतिक भूचाल लाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) पर उनको दरकिनार करने का गंभीर आरोप लगाया है। शहाबुद्दीन ने कहा कि यूनुस ने कई बार संवैधानिक परंपराओं का उल्लंघन किया और करीब डेढ़ सालों तक देश के कई अहम फैसलों से दूर रखा।
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने बांग्लादेशी अखबार ‘कालेर कंठो’ (Kaler Kantho) को दिए इंटरव्यू में कहा कि ‘अंतरिम सरकार के समय में कई ऐसे अध्यादेश जारी हुए, जिनकी किसी तरह की जरूरत नहीं थी। मुझसे इनको लेकर किसी तरह की चर्चा भी नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक नियमों के तहत मुख्य सलाहकार को किसी भी विदेश यात्रा के बाद राष्ट्रपति को जानकारी देनी होती है, लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया। राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि यूनुस ने करीब 15 विदेश यात्राएं की, लेकिन कुछ नहीं बताया।
मोहम्मद यूनुस ने ‘मुझे अंधेरे में रखा’ : शहाबुद्दीन
शहाबुद्दीन ने कहा कि बांग्लादेश और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई। यूनुस ने राष्ट्रपति के संवैधानिक दायित्व को दरकिनार कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया यूनुस ने उन्हें अंधेरे में रखने की कोशिश की और देश से जुड़े हर फैसले को दूर रखा। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. यूनुस ने राष्ट्रपति की दो प्रस्तावित विदेश यात्राओं दिसंबर 2025 में कोसोवो और एक अन्य अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन पर रोक लगा दी।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अंतरिम सरकार उन्हें पब्लिक प्रोग्राम्स से दूर रखना चाहती थी। विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों और अन्य पारंपरिक आयोजनों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि विदेशों में स्थित बांग्लादेशी दूतावासों से राष्ट्रपति की तस्वीरें हटाए जाने का भी आरोप लगाया गया। शहाबुद्दीन ने दावा किया कि उनका प्रेस विभाग और फोटोग्राफर तक हटा दिए गए, जिससे वे स्वतंत्र रूप से प्रेस रिलीज जारी नहीं कर पा रहे थे।
अंतरिम सरकार ने मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति पद की शपथ लेने का अनुरोध किया, जिसे न्यायपालिका ने खारिज कर दिया
उन्होंने कहा कि क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई संदेश जारी करने तक की अनुमति नहीं थी। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि ‘मैं राष्ट्रपति भवन में ही सीमित होकर रह गया था।’ राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने के प्रयास हुए. उनके अनुसार, अंतरिम सरकार की एक सलाहकार ने मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति पद की शपथ लेने का अनुरोध किया, जिसे न्यायपालिका ने खारिज कर दिया। इन आरोपों पर डॉ. यूनुस या अंतरिम सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।