पवन खेड़ा ने आगे कहा, CM मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली। वहीं, मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में खरीदी जहां सिंहस्थ कुंभ आने वाला है। उज्जैन के जिस क्षेत्र में 2035 के मास्टर प्लान के ऊपर काम होना है, मोहन यादव के परिवार ने वहां जमीनें खरीदी हैं। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक्शन लेने की उम्मीद नहीं है। वो विदेश में मेलोडी और देश में झालमु़ड़ी खाएंगे, उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उनके द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए। पवन खेड़ा ने कहा कि, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार का जमीन घोटाला सामने आया है। उज्जैन और अयोध्या से देश ही नहीं, बल्कि विदेश के लोगों की आस्था जुड़ी है। इन तीर्थों से पैसा लूटना आस्थावान लोगों की पीठ में खंजर घोंपने जैसा है। उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। इस बारे में मुख्यमंत्री को पता है और उससे जुड़ी फाइलें उनसे होकर गुजरती हैं, इसलिए वे अपनी कलम की ताकत से हेरफेर कर सकते है।
पवन खेड़ा ने आगे कहा, CM मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली। वहीं, मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में खरीदी जहां सिंहस्थ कुंभ आने वाला है। उज्जैन के जिस क्षेत्र में 2035 के मास्टर प्लान के ऊपर काम होना है, मोहन यादव के परिवार ने वहां जमीनें खरीदी हैं। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक्शन लेने की उम्मीद नहीं है। वो विदेश में मेलोडी और देश में झालमु़ड़ी खाएंगे, उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
इसके साथ कहा, आदर्श प्रकरण में अशोक चव्हाण की सास के नाम पर फ़्लैट होने का आरोप लगा तो इस्तीफा हुआ, लेकिन मोहन यादव से जुड़े मामले में मीडिया पर सन्नाटा है। अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया, लेकिन मुख्यमंत्री अब भी कुर्सी पर बैठे हैं। वही हाल अब MP में भी है। इसका कारण गैर-रजिस्टर्ड RSS है, क्योंकि ये सब उसी से जुड़े हैं और अयोध्या के मामले में भी इन्हीं के लोग शामिल हैं।
वहीं, इस मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, हमारे सवाल: क्या मोहन यादव के CM बनने के बाद परिवार ने जमीन खरीदी? क्या ये सच है कि जमीन का बड़ा हिस्सा वहां है, जहां विकास परियोजनाएं बाद में आईं? क्या सरकार उन सभी प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी? यदि सबकुछ पारदर्शी है तो क्या BJP स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी? क्या मुख्यमंत्री अपने परिवार द्वारा 2023 के बाद खरीदी गई जमीन पर श्वेत पत्र जारी करेंगे?
जीतू पटवारी ने आगे कहा, मध्य प्रदेश में मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी। कांग्रेस ने इस बारे में सार्वजनिक रूप से BJP, BJP अध्यक्ष, नरेंद्र मोदी, BJP की प्रदेश इकाई और मोहन यादव जी से सवाल पूछे थे। सवाल पूछे हुए 30 घंटे हो गए, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। अगर BJP इस बारे में जवाब नहीं दे रही तो मतलब दाल में कुछ काला है। BJP का पूरा तंत्र इस करप्शन से जुड़ा हुआ है।
अयोध्या में चंदा चोरी और महाकाल में जमीन लूट- ये BJP का नया मॉडल है।