यात्रा करना जरूरी भी है और जरूरत भी। सफर के दौरान उल्टी, चक्कर या बेचैनी का होना दुखदायी बन जाता है।
Motion Sickness : यात्रा करना जरूरी भी है और जरूरत भी। सफर के दौरान उल्टी, चक्कर या बेचैनी का होना दुखदायी बन जाता है। चिकित्सा की भाषा में इसे मोशन सिकनेस (Motion Sickness) कहते हैं और हर तीन में से एक व्यक्ति इससे कभी न कभी प्रभावित होता है। मोशन सिकनेस (Motion Sickness) सिर्फ बच्चों या बुजुर्गों तक सीमित नहीं है; ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। इसे कैसे रोका जा सकता है।
विरोधाभास शरीर को भ्रमित कर देता है
मोशन सिकनेस (Motion Sickness) वो स्थिति है जिसमें सफर के दौरान मतली, उल्टी, चक्कर या सिर दर्द महसूस होता है। ये तब होता है जब दिमाग, आंखें और कान एक जैसी जानकारी नहीं भेजते। उदाहरण के लिए, अगर आप कार में बैठकर किताब पढ़ रहे हैं या मोबाइल देख रहे हैं, तो आंखें बताती हैं कि आप स्थिर हैं। लेकिन कान की बैलेंस प्रणाली कहती है कि आप हिल रहे हैं। ये विरोधाभास शरीर को भ्रमित कर देता है और उल्टी का कारण बनता है।
असरदार उपाय
भारी भोजन से बचें – सफर से पहले हल्का खाना ही खाएं। खाली पेट सफर न करें। जरूरत पड़ने पर दवा डॉक्टर की निगरानी में लें। चलती गाड़ी में सोने से बचें – सोते समय संतुलन बिगड़ सकता है।
कमर और घुटनों की हलचल कम करें
गाड़ी रोकें – मतली महसूस होते ही गाड़ी रोकें और ध्यान भटकाएं।
शरीर की स्थिति स्थिर रखें – सिर, कंधे, कमर और घुटनों की हलचल कम करें।
आगे की सीट पर बैठें या गाड़ी खुद चलाएं – संतुलन बनाए रखना आसान होता है। निकोटीन और धूम्रपान से बचें।
हल्का म्यूजिक सुनें – दिमाग शांत रहता है और मतली कम होती है।