म्यांमार में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप ने देश में भारी तबाही मचा दी। म्यांमार की सांस्कृतिक राजधानी मांडले के पास इसका केंद्र होने के कारण प्राचीन मठों, और मस्जिदों को इस झटके से काफी नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में भी भूकंप की वजह से ये पगोड़ा तबाह हो गया था। भारत सरकार ने 2020 में म्यांमार में क्षतिग्रस्त हुए पगोड़ा का जीर्णोद्धार करवाया था। इस प्रोजेक्ट को भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूरा करवाया था। महामुनि बुद्ध मंदिर के नाम से भी जाना जाने वाला यह शिवालय, मांडले पर्वत पर स्थित है और म्यांमार का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। आपको बता दें कि मांडले की महा मुनि बुद्ध प्रतिमा म्यांमार के अलावा बौद्ध धर्म को मानने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र और पूजनीय इमारत है। यहां हमेशा भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन सुबह और शाम में भारी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
मीडिया के अनुसार, भूकंप के कारण वैलुवुन मठ भी ढह गया, जिसके परिणामस्वरूप और भी लोग हताहत हुए। सागाइंग क्षेत्र में, एक 90 साल पुराना पुल ढह गया और मांडले-यांगून राजमार्ग के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।