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Operation Sindoor : दुनिया से सामने पाकिस्तान का दोहरा चरित्र फिर हुआ बेनकाब, आतंकियों के जनाजे में शामिल हुए सेना अधिकारी

पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के बाद भारतीय सेना के ताबड़तोड़ हमलों से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) के जरिए नौ स्थानों पर आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया। वहीं, पाकिस्तानी सेना के जवान और मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड (Masterminds of Mumbai Terror Attacks) हाफिज सईद (Hafiz Saeed)  के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के सदस्य बुधवार को तीन लोगों के जनाजे में शामिल हुए।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के बाद भारतीय सेना के ताबड़तोड़ हमलों से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के जरिए नौ स्थानों पर आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया। वहीं, पाकिस्तानी सेना के जवान और मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड (Masterminds of Mumbai Terror Attacks) हाफिज सईद (Hafiz Saeed)  के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के सदस्य बुधवार को तीन लोगों के जनाजे में शामिल हुए। ये तीनों बुधवार को मुरीदके में भारतीय सेना (Indian Army)  के हवाई हमले में मारे गए। मुरीदके लाहौर से करीब 40 किलोमीटर दूर है।

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जमात उद-दावा (Jamaat ud-Da’wah) के राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के प्रवक्ता ताबिश कय्यूम (Pakistan Markazi Muslim League spokesperson Tabish Qayyum) ने कहा कि कारी अब्दुल मलिक, खालिद और मुदस्सिर को कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। कय्यूम खुद भी जनाजे में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस जनाजे में नागरिक प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए।

भारत की सैन्य कार्रवाई से तिलमिलाए कय्यूम ने कहा, भारत ने जो हमला किया है, उसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब हमला हुआ, ये तीनों लोग मस्जिद के पास एक कमरे में सो रहे थे और मस्जिद तबाह हो गई। पाकिस्तानी मलिक, खालिद और मुदस्सिर जमात उद-दावा के सदस्य बताए जा रहे हैं और उस मस्जिद में इमाम और देखरेख करने वाले थे। नमाज-ए-जनाजा के बाद तीनों के शव दफनाने के लिए उनके पैतृक इलाकों में भेज दिए गए।

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