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राम मंदिर चढ़ावे में 8 करोड़ से अधिक का हेरफेर! चंदा चोरी के ये हैं पांच मुख्य किरदार, अब तक ट्रस्ट खामोश

अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) की दान की राशि में हेरफेर कर करोड़ों रुपये के गबन के मामले में अब पांच मुख्य किरदार सामने आए हैं। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। इनके खिलाफ पुख्ता सुबूत भी मिले हैं। अभी भी वह राज खोल रहे हैं। हालांकि हेरफेर के पीछे किसकी शह थी, क्या कोई बड़ा शख्स इसका साजिशकर्ता है? ये अभी भी राज बना हुआ है।

By santosh singh 
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अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) की दान की राशि में हेरफेर कर करोड़ों रुपये के गबन के मामले में अब पांच मुख्य किरदार सामने आए हैं। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। इनके खिलाफ पुख्ता सुबूत भी मिले हैं। अभी भी वह राज खोल रहे हैं। हालांकि हेरफेर के पीछे किसकी शह थी, क्या कोई बड़ा शख्स इसका साजिशकर्ता है? ये अभी भी राज बना हुआ है।

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सूत्रों के मुताबिक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर पकड़े गए हैं। अब तक हुई रिकवरी भी इन्हीं पांचों ने कराई है। चोरी कुबूल भी की है। इससे ये स्पष्ट हो गया है कि इनकी इसमें भूमिका है लेकिन इतने संवेदनशील जगह से रकम पार करते रहने और पकड़ा न जाना कई सवाल खड़े करता है।जब वह पकड़े गए हैं तब तक करोड़ों की रकम इधर से उधर की जा चुकी है। ऐसे में अंदेशा है कि क्या इसके पीछे किसी बड़े शख्स की साजिश है। वह ट्रस्ट से जुड़ा या फिर किसी अन्य विभाग आदि से है। फिलहाल इसको लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

अब तक ट्रस्ट के किसी बड़े जिम्मेदार ने कोई बयान जारी नहीं किया , हर कोई खामोश

इतने संवेदनशील व बड़े मामले में अब तक ट्रस्ट के किसी बड़े जिम्मेदार ने कोई बयान जारी नहीं किया है। हर कोई खामोश है। इसलिए तमाम तरह की चर्चाओं व कयास का दौर जारी है। ट्रस्ट से जुड़े जुड़े दो ऐसे लोग भी हैं, जिन पर कई सवाल उठ रहे हैं। उनकी कोई भूमिका है या नहीं, ये तभी पता चल सकेगा जब कोई एजेंसी या एसआईटी (SIT) मामले की विस्तृत जांच करेगी।

टिन्नू का जिक्र सबसे अधिक

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ट्रस्ट से जुड़े एक पदाधिकारी का टिन्नू करीबी है। वह दशकों से उनसे जुड़ा है। जिन पांच संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, उसमें शामिल रमाशंकर का टिन्नू रिश्तेदार भी है। सूत्रों के मुताबिक टिन्नू का हस्तक्षेप हर किसी काम में रहता था। इसलिए उस पर सवाल उठ रहे हैं। उसको लेकर ट्रस्ट के एक पूर्व पदाधिकारी ने कैमरे सामने गंभीर आरोप लगाए थे।

पुलिस अधिकारी भी खामोश

पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले में कोई लिखित शिकायत तक नहीं मिली है। लिहाजा पूछताछ आदि का सवाल ही नहीं उठता है। पुलिस के बड़े अधिकारी भी खामोश हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पूछताछ से लेकर रिकवरी की प्रक्रिया में पुलिस की एक टीम लगी है।

आठ करोड़ से अधिक का हेरफेर… अब तक 2.98 करोड़ की रिकवरी

राम मंदिर (Ram Mandir) की दान राशि में गबन के मामले में अब तक 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। यह रकम पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर बरामद की गई है। गुपचुप ढंग से चल रही जांच में आठ करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत व साक्ष्य मिले हैं। हालांकि जांच पूरी होने के बाद यह राशि घट या बढ़ सकती है।

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मामले के खुलासे के बाद से ट्रस्ट गोपनीय जांच में जुटा है। लेकिन पदाधिकारी लगातार चुप्पी साधे हैं। आधिकारिक तौर पर पुलिस को भी शामिल नहीं किया गया है। लेकिन करोड़ों का गबन की रिकवरी की जद्दोजहद में सभी जुटे हैं। पकड़े गए संदिग्धों के अलावा और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं? इसका पता लगाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक गबन की राशि सही आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन संदिग्धों से पूछताछ में मिली जानकारी व साक्ष्यों के आधार पर आठ करोड़ से अधिक के खेल का अंदेशा है।

संदिग्धों के घर व ठिकानों के साथ बैंक खाते भी खंगाले जा रहे हैं। इनमें अवनीश के खाते से पांच लाख रुपये मिले हैं। यह रकम उसने दान राशि से गायब की थी। जेवरात भी मिले हैं। पुलिस ने शनिवार को रुदौली के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में मंदिर कर्मचारी लवकुश के घर छापा मारा गया। इस दौरान 10-12 लाख रुपये बरामद किए गए।

राज्य सरकार ने 3 सदस्यीय एसआईटी गठित की , 15 दिन में देगी रिपोर्ट

अयोध्या में श्रीराम मंदिर (Shri Ram Mandir  Ayodhya) को मिले दान में गबन के तूल पकड़ने के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया। एसआईटी (SIT) में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत (Lucknow Divisional Commissioner Vijay Vishwas Pant), लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस (Inspector General of Police Lucknow Zone Kiran S) और विशेष वित्त सचिव नीलरतन (Special Finance Secretary Neelratan) शामिल हैं। दल सात दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देगा।

 

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